पांच दिनों से लापता उद्योगपति कैरव गांधी का नहीं मिला सुराग,


जमशेदपुर : जमशेदपुर के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से रहस्यमय ढंग से लापता हुए युवा उद्योगपति कैरव गांधी का पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस हाईप्रोफाइल अपहरण कांड ने न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड में सनसनी फैला दी है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी कैरव गांधी का पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है.कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किसटोप्पा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल छह विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इन टीमों में चार डीएसपी, कई थाना प्रभारी और सरायकेला-खरसावां जिले के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। सभी टीमों को अलग-अलग दिशाओं में जांच और छापेमारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिजनों को अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल आ रहे हैं, जिनमें मोटी फिरौती की मांग की जा रही है। इन कॉल्स के विदेशों से आने की भी जानकारी सामने आई है, जिनमें इंडोनेशिया का नंबर शामिल बताया जा रहा है। फिरौती की रकम नहीं देने पर कैरव गांधी की हत्या की धमकी भी दी जा रही है, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है।पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। झारखंड के साथ-साथ बिहार और अन्य राज्यों में भी लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।कैरव गांधी, जमशेदपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति और ‘एम्पायर ऑटो’ के संचालक देवांग चंद्र गांधी के पुत्र हैं। घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि पुलिस ने जल्द सफलता मिलने का दावा किया है, लेकिन परिजन और आमजन अब भी किसी ठोस जानकारी और सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।जमशेदपुर के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से रहस्यमय ढंग से लापता हुए युवा उद्योगपति कैरव गांधी का पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस हाईप्रोफाइल अपहरण कांड ने न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड में सनसनी फैला दी है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी कैरव गांधी का पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है.कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किसटोप्पा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल छह विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इन टीमों में चार डीएसपी, कई थाना प्रभारी और सरायकेला-खरसावां जिले के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। सभी टीमों को अलग-अलग दिशाओं में जांच और छापेमारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिजनों को अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल आ रहे हैं, जिनमें मोटी फिरौती की मांग की जा रही है। इन कॉल्स के विदेशों से आने की भी जानकारी सामने आई है, जिनमें इंडोनेशिया का नंबर शामिल बताया जा रहा है। फिरौती की रकम नहीं देने पर कैरव गांधी की हत्या की धमकी भी दी जा रही है, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है।पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। झारखंड के साथ-साथ बिहार और अन्य राज्यों में भी लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।कैरव गांधी, जमशेदपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति और ‘एम्पायर ऑटो’ के संचालक देवांग चंद्र गांधी के पुत्र हैं। घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि पुलिस ने जल्द सफलता मिलने का दावा किया है, लेकिन परिजन और आमजन अब भी किसी ठोस जानकारी और सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से रहस्यमय ढंग से लापता हुए युवा उद्योगपति कैरव गांधी का पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस हाईप्रोफाइल अपहरण कांड ने न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड में सनसनी फैला दी है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी कैरव गांधी का पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है.कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किसटोप्पा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल छह विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इन टीमों में चार डीएसपी, कई थाना प्रभारी और सरायकेला-खरसावां जिले के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। सभी टीमों को अलग-अलग दिशाओं में जांच और छापेमारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिजनों को अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल आ रहे हैं, जिनमें मोटी फिरौती की मांग की जा रही है। इन कॉल्स के विदेशों से आने की भी जानकारी सामने आई है, जिनमें इंडोनेशिया का नंबर शामिल बताया जा रहा है। फिरौती की रकम नहीं देने पर कैरव गांधी की हत्या की धमकी भी दी जा रही है, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है।पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। झारखंड के साथ-साथ बिहार और अन्य राज्यों में भी लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।कैरव गांधी, जमशेदपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति और ‘एम्पायर ऑटो’ के संचालक देवांग चंद्र गांधी के पुत्र हैं। घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि पुलिस ने जल्द सफलता मिलने का दावा किया है, लेकिन परिजन और आमजन अब भी किसी ठोस जानकारी और सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।




