नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय: “Empowering the Future of Nursing” सेमिनार ने नई ऊर्जा दी झारखंड की नर्सिंग शिक्षा को

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जमशेदपुर: 7 अक्टूबर 2025 को नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में आयोजित “नर्सिंग हार्टबीट: Empowering the Future of Nursing” नामक सेमिनार सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन Trained Nurses’ Association of India (TNAI) एवं Student Nurses’ Association of India (SNAI) ने मिलकर किया था।

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इस सेमिनार का उद्देश्य था: नर्सिंग क्षेत्र में आज की चुनौतियों और कल की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना, नवाचार, नेतृत्व एवं करुणा-आधारित देखभाल (Compassionate Care) को प्रोत्साहित करना तथा भविष्य की पीढ़ी के नर्स पेशेवरों को सशक्त बनाना।

मुख्य आकर्षण एवं उद्घाटन समारोह

कार्यक्रम का शुभारंभ एक पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह से हुआ, जिसमें माननीय अतिथि, विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं आयोजक शामिल थे। इस दीप प्रज्वलन ने ज्ञान और प्रकाश के प्रतीक स्वरूप कार्यक्रम को औपचारिक रूप दिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं श्रीमती वी. मलहाक्ष्मी (Assistant Professor, Sai Nath University एवं President, TNAI झारखंड)। साथ ही मुख्य अतिथि आदरनीय प्रो. शिल्पा जे (Vice-Principal एवं सक्रिय सदस्य, SNAI) ने भी अपनी उपस्थिति देकर कार्यक्रम को और गरिमा दी।इन उच्च-स्तरीय अतिथियों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपना दृष्टिकोण साझा किया। उनका मानना था कि नर्सिंग न केवल तकनीकी कौशल का समुच्चय है, बल्कि वह नेतृत्व क्षमता, मानवता की भावना, टीम वर्क और रोगी-देखभाल (patient care) में करुणा और प्रतिबद्धता (commitment) की अभिव्यक्ति भी है।

प्रमुख विषय और चर्चाएँ: सेमिनार में शामिल थे नर्सिंग छात्रों, शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों के शिक्षक, अनुभवी नर्सिंग पेशेवर तथा अन्य हितधारक। मुख्य चर्चाएँ निम्नलिखित विषयों पर केंद्रित रहीं:
नवाचार और तकनीकी उन्नति
स्वास्थ्य देखभाल में नर्सों की भूमिका कैसे बदल रही है।
डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स आदि का उपयोग।
नए उपकरण, प्रबंधन पद्धतियाँ और नर्सिंग शिक्षा में परिवर्तन।

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सार्वजनिक स्वास्थ्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एवं समुदाय-आधारित स्वास्थ्य पहल में नर्स की भूमिका।इस तरह की चर्चाओं ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे नर्सिंग पेशे की गरिमा बनाए रखें, टीम वर्क एवं करुणा-आधारित व्यवहार को प्राथमिकता दें, और नवाचारोन्मुख दृष्टिकोण अपनाएँ।इस सेमिनार के अंत में, आयोजकों ने निम्नलिखित बातों पर जोर दिया:नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को समकालीन चुनौतियों से सामंजस्य बिठाने हेतु निरंतर सुधार करना होगा।छात्रों की भागीदारी और उनके अनुभव-आधारित सीख को बढ़ावा देना आवश्यक है।

नेतृत्व कौशल, नैतिकता और देखभाल-भाव को पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में और अधिक सम्मिलित किया जाना चाहिए।नर्सिंग समुदाय के भीतर सहयोग और नेटवर्किंग को बढ़ावा देना चाहिए — जैसे शिक्षक-छात्र संपर्क, मेंटर-मेंटीर शिप, और पेशेवर मंच।राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर TNAI एवं SNAI जैसी संस्थाएँ मिलकर नर्सिंग शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा सुधारने की दिशा में कार्रवाई करती रहें।आयोजन के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया और सभी उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, छात्रों एवं आयोजन समिति को आभार व्यक्त किया गया।

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