एनआईटी जमशेदपुर में शिक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर राष्ट्रीय कार्यशाला, 250 से अधिक प्रतिभागी शामिल


जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जमशेदपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से मंगलवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय था “शैक्षणिक संस्थानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: स्मार्ट शिक्षण, अध्ययन और शोध में एआई का उपयोग”।

इस कार्यक्रम में जमशेदपुर सहित देश के विभिन्न राज्यों से 10 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के करीब 250 छात्र, शिक्षक और शोधार्थियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भाग लिया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. सतीश कुमार और उप निदेशक प्रो. राम विनय शर्मा भी मौजूद रहे।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकें कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बना सकती हैं, मूल्यांकन प्रणाली को बेहतर कर सकती हैं और शैक्षणिक निर्णयों को डेटा आधारित बना सकती हैं। साथ ही, एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों को एआई के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना और शोध एवं शिक्षण में नवाचार को बढ़ावा देना था। तकनीकी सत्रों में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने व्याख्यान दिए।
मुख्य वक्ताओं में एसआर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. दीपक गर्ग, गलगोटियास यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अंकुश मित्तल, एनआईटी जमशेदपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. दिवाकर त्रिपाठी और डॉ. दीपक राय शामिल रहे।
इन विशेषज्ञों ने एआई आधारित शिक्षण विधियां, इंटेलिजेंट असेसमेंट सिस्टम, अकादमिक एनालिटिक्स और शोध में एआई की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का सफल संचालन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. जितेश प्रधान, डॉ. बी. आर. रेड्डी और डॉ. दीपक राय द्वारा किया गया। समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।



