2030 तक चाँद पर न्यूक्लियर रिएक्टर लगाएगा नासा, मिलेगी लगातार बिजली


वॉशिंगटन — अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2030 तक चाँद पर एक छोटा न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करने की योजना बनाई है, ताकि वहाँ इंसानों के रहने के लिए लगातार और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो सके। चाँद पर एक दिन 14 पृथ्वी दिनों के बराबर होता है — यानी 14 दिन धूप और 14 दिन अंधेरा। लंबे अंधेरे में सौर ऊर्जा बेअसर हो जाती है, इसलिए नासा ने न्यूक्लियर रिएक्टर को बेहतर विकल्प माना है।

यह रिएक्टर 100 किलोवाट बिजली पैदा करेगा, जो अंतरिक्ष मिशन के लिए पर्याप्त है। आकार में यह पृथ्वी पर इस्तेमाल होने वाले सामान्य रिएक्टरों से लगभग 20 गुना छोटा होगा। नासा का मानना है कि यह परियोजना चाँद पर अमेरिका की मौजूदगी को मजबूत करेगी। अमेरिकी एजेंसी को आशंका है कि भविष्य में रूस और चीन चाँद के कुछ हिस्सों को ‘नो एंट्री ज़ोन’ घोषित कर सकते हैं।
हालांकि मिशन में चुनौतियां भी हैं — अंतरिक्ष में रेडियोएक्टिव पदार्थ भेजना और लांच के दौरान दुर्घटना होने पर विकिरण फैलने का खतरा इनमें शामिल हैं। अगर यह मिशन सफल रहा तो 2030 के दशक में चाँद पर इंसानों के लिए स्थायी बस्तियां बसाने का रास्ता खुल सकता है।



