आदित्यपुर डंपिंग साइट में भीषण आग, जहरीले धुएं से उद्योग और रिहायशी क्षेत्र प्रभावित

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सरायकेला : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में सिटी सेंटर के लिए चिन्हित भूमि पर बने कचरा डंपिंग साइट में लगी आग ने गंभीर रूप ले लिया है। पिछले करीब दो वर्षों से यहां नगर निगम द्वारा शहर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है। अब इसी स्थल से उठ रहा घना और जहरीला धुआं आसपास के उद्योगों और रिहायशी इलाकों को प्रभावित कर रहा है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि मिश्रित ठोस कचरे—जिसमें प्लास्टिक, रबर, रासायनिक अवशेष और जैविक अपशिष्ट शामिल होते हैं—में आग लगने पर कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और डाइऑक्सिन जैसे खतरनाक गैसें निकलती हैं। ये गैसें श्वसन तंत्र पर गंभीर असर डाल सकती हैं। लंबे समय तक संपर्क में रहने से फेफड़ों की बीमारी, एलर्जी और दमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

उद्योगपतियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों को शिकायत की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्रभावी अग्नि नियंत्रण योजना लागू नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

स्थानीय फैक्ट्री मालिकों और श्रमिकों का कहना है कि लगातार धुएं के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई मजदूरों के बीमार पड़ने की सूचना है। कुछ श्रमिकों ने क्षेत्र छोड़ना भी शुरू कर दिया है।

बताया जा रहा है कि दमकल विभाग द्वारा पानी का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन अंदर सुलग रही आग को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक उपाय पर्याप्त रूप से लागू नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि कचरे की परतों को अलग करना, मिट्टी से ढंकना और गैस वेंटिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए।

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स्थानीय लोगों और उद्योग संगठनों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

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