12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को लेकर कोल्हान में मजदूर संगठनों की जोरदार तैयारी, श्रम संहिताओं के खिलाफ लामबंदी


जमशेदपुर: 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर कोल्हान क्षेत्र में श्रमिक संगठनों ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। झारखंड एआईटीयूसी के राज्य अध्यक्ष अंबुज कुमार ठाकुर के नेतृत्व में विभिन्न ट्रेड यूनियनें केंद्र सरकार की नई चार श्रम संहिताओं के विरोध में लामबंद हो रही हैं।

मजदूर संगठनों का आरोप है कि नई श्रम संहिताएं श्रमिक अधिकारों को कमजोर करती हैं और कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देती हैं। उनके अनुसार, ये प्रावधान लंबे समय से हासिल श्रम सुरक्षा और नौकरी की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा तथा बैंक कर्मचारियों के संगठन एआईबीईए का भी समर्थन मिला है। ऐसे में पूर्वी सिंहभूम जिले में औद्योगिक गतिविधियों, बैंकिंग सेवाओं और स्थानीय परिवहन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
हड़ताल का उद्देश्य श्रम संहिताओं के अलावा निजीकरण, आजीविका पर असर डालने वाली नीतियों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना है। अंबुज ठाकुर ने कहा कि यह आंदोलन केवल औद्योगिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा का व्यापक प्रयास है।
कोल्हान, जो झारखंड का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है, वहां विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारी सक्रिय रूप से भागीदारी की तैयारी कर रहे हैं। बैंक, बीमा, सरकारी कर्मचारियों और स्वतंत्र यूनियनों के प्रतिनिधि क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय बैठकों के जरिए रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।
यूनियन नेताओं का दावा है कि 12 फरवरी की हड़ताल मजदूर एकता का मजबूत प्रतीक बनेगी और श्रमिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करेगी।



