रिम्स जमीन घोटाले में बड़ा झटका, बिल्डर की जमानत याचिका खारिज



रांची : रिम्स की अधिग्रहित जमीन से जुड़े बहुचर्चित फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी बिल्डर शुभम साबू को अदालत से राहत नहीं मिली। एसीबी की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे इस मामले में उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शुभम साबू को एसीबी ने 28 जून को गिरफ्तार किया था। उन पर मोरहाबादी और कोकर मौजा स्थित रिम्स की करीब 9.65 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से अपार्टमेंट निर्माण कराने का आरोप है। जांच में इस निर्माण पर लगभग 14 करोड़ रुपये निवेश होने की बात भी सामने आई है। यह मामला वर्ष 1964-65 में तत्कालीन मेडिकल कॉलेज (वर्तमान रिम्स) के लिए अधिग्रहित जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि भू-माफियाओं और बिल्डरों ने मिलीभगत कर फर्जी वंशावली तैयार की और सरकारी जमीन को निजी बताकर उस पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकानें और मकान बना दिए। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इससे पहले 7 अप्रैल को चार अन्य आरोपियों राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद किया गया है और जांच जारी है।




