भागवत कथा का श्रवण करने से राजा परीक्षित का हुआ उत्थान : मयंक महाराज, बिष्टुपुर सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का दूसरा दिन

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जमशेदपुर :- बिष्टुपुर स्थित श्री सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पूज्य मयंक महाराज ने भक्तों को भागवत की अमृत वर्षा से सराबोर किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, जीवन को दिशा देने वाली दिव्य संहिता है। राजा परीक्षित ने जब शापित जीवन के अंतिम सात दिनों में इस कथा का श्रवण किया, तब उनके जीवन का पूर्ण रूप से उत्थान हुआ और वह परम गति को प्राप्त हुए। कथा के माध्यम से महाराज ने परीक्षित के श्राप, शुकदेव के आगमन और उनके बीच हुई दिव्य संवाद को अत्यंत भावविभोर शैली में प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भक्ति, श्रद्धा और समर्पण भाव से भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन से समस्त दोष और दुख दूर हो जाते हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतिदिन संध्या 4 बजे से कथा प्रारंभ हो रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और व्यवस्थाएं भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई हैं। कथा के पश्चात आरती और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। मयंक महाराज ने कथा के अंत में यह संदेश दिया कि जीवन की अंतिम यात्रा में केवल धर्म, ज्ञान और सत्कर्म ही साथ जाते हैं, इसलिए अभी से सत्मार्ग को अपनाएं और श्रीमद्भागवत को अपने जीवन में उतारें। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से शेष दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य ज्ञान यज्ञ का लाभ उठाने का आग्रह किया।

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