मतदाता सूची से नाम हटाने पर झामुमो का आरोप, छह सूत्री मांगपत्र सौंपा

जमशेदपुर : झारखंड मुक्ति मोर्चा पूर्वी सिंहभूम जिला समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में जिला उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर छह सूत्री मांगपत्र सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विसंगतियों की आड़ में भाजपा के विपक्षी दलों के समर्थक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का प्रयास कर रहा है। झामुमो ने इसे संविधान की हत्या और भाजपा को लाभ पहुंचाने का प्रयास बताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध करने की बात कही।


प्रतिनिधिमंडल ने बूथ लेवल ऑफिसर द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने तथा एसआईआर के लिए आवश्यक जन्म, आवासीय, पारिवारिक सूची और जाति प्रमाण पत्रों का सक्षम कार्यालयों से जल्द निष्पादन कराने की मांग की। पार्टी ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची में महिलाओं का नाम होने के बावजूद उनसे पैतृक संबंधियों के प्रमाण मांगे जाने पर भी आपत्ति जताई। झामुमो ने कहा कि झारखंड पांचवीं अनुसूची का राज्य है और यहां पेसा कानून लागू होने के बावजूद ग्राम प्रधानों द्वारा जारी वंशावली स्वीकार नहीं की जा रही है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा और समर्थित दल फॉर्म-7 का गलत आशय से उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। नाम, उम्र, लिंग और फोटो का मिलान न होने के आधार पर आवेदनों को अस्वीकृत किए जाने पर भी चिंता जताई गई। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, प्रमोद लाल, मनोज यादव, वीर सिंह सुरेन, सुनील महतो, शैलेन्द्र मैथी और चंद्रावती महतो सहित अन्य वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।


