Jharkhand Famous Temple: जानें बासुकीनाथ के पाताल बाबा शिव लिंग की क्या है महिमा, नसीब वालों को ही मिलता है दर्शन…

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लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क:-झारखंड राज्य के दुमका जिले में स्थित है बासुकीनाथ मंदिर जहाँ भगवान शिव, बासुकीनाथ के रूप में पूजे जाते हैं। यह कहा जाता है कि जब तक बासुकीनाथ के दर्शन न किए जाएँ तब तक देवघर स्थित बाबा बैजनाथ के दर्शन अधूरे ही माने जाएँगे। तो आइए आपको बताते हैं उन बासुकीनाथ के दरबार के बारे में जहाँ होती है फौजदारी मुकदमों की सुनवाई।

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देश के कोने-कोने से आने वाले शिव भक्त पहले देवघर स्थित बाबा बैजनाथ धाम पहुँचते हैं और भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करते हैं. हालाँकि, बाबा बैजनाथ के बाद अधिकांश श्रद्धालु बासुकीनाथ ही पहुँचते हैं. मान्यता भी है कि जब तक बासुकीनाथ के दर्शन न किए जाए तब तक बाबा बैजनाथ की यात्रा अधूरी ही मानी जाएगी. श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल और दूध लेकर बासुकीनाथ पहुँचते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

बासुकीनाथ मंदिर के इतिहास के बारे में बात करें तो कई सारे पौराणिक कथाएँ मिलती है उन्हीं में से दो के बारे में नीचे बताया गया है. समुद्र मंथन के दौरान मंदर पर्वत को मथनी और वसुकिनाग को रज्जू के रूप में व्यवहार किया गया था इस मंथन के बाद वासुकिनाग को नागनाथ के शरण में छोड़ दिया इस तरह से वासुकिनाथ के रूप में विख्यात हुए।

बासुकीनाथ पहुँचने के लिए निकटतम हवाईअड्डा राँची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट है जो मंदिर से लगभग 280-300 किमी की दूरी पर है। इसके अलावा कोलकाता का नेताजी सुभास चंद्र बोस हवाईअड्डा भी यहाँ से लगभग 320 किमी की दूरी पर है। बासुकीनाथ से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन दुमका है जो लगभग 25 किमी है और बासुकीनाथ से जसीडीह रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 50 किमी है। बासुकीनाथ, दुमका-देवघर राज्य राजमार्ग पर स्थित है।

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