25 साल पुरानी केबल कंपनी INCAB इंडस्ट्रीज को लेकर विवाद, संघर्ष समिति एनसीएलएटी में अपील करेंगी


Jamshedpur: शहर में लंबे समय से बंद पड़ी केबल कंपनी INCAB इंडस्ट्रीज को लेकर एक नया विवाद उभर आया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इस कंपनी के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी देते हुए वेदांता ग्रुप को कंपनी सौंपने को कहा है, जिससे कंपनी को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी आई है। इसके बाद वेदांता के सुरक्षाकर्मी कंपनी के गेट पर तैनात कर दिए गए हैं।

इस फैसले के खिलाफ “केबुल बचाओ संघर्ष समिति” ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। समिति के नेता यूके शर्मा, डॉ. बीबी महतो और कल्याण शाही ने वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि वे इस निर्णय को चुनौती देंगे। उनका कहना है कि NCLT का आदेश गलत है और वे एनसीएलएटी (National Company Law Appellate Tribunal) यानी अपीलेट अथॉरिटी में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं।
संघर्ष समिति ने अपने बयान में कहा कि इस निर्णय में कर्मचारियों के बकाया दावों को उचित महत्व नहीं दिया गया है। उनका दावा है कि कर्मचारियों के बकाया की राशि लगभग 239 करोड़ रुपये है, जबकि रिजॉल्यूशन प्लान में केवल 16 करोड़ 24 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। कंपनी में कुल 1616 कर्मचारी जुड़े हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि उनमें से कितने को नौकरी मिलेगी या उनका भविष्य क्या होगा। वे इसे कर्मचारियों के साथ छलावा करार दे रहे हैं।
समिति का यह भी कहना है कि वर्तमान में जिन कर्मचारियों की सेवा बची है, उनका क्या होगा, यह निर्धारित नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का यह पुनरुद्धार कर्मचारी हितों के विपरीत है और इस फैसले को सभी स्तरों पर चुनौती दी जाएगी।



