जमशेदपुर एफसी को मिला ‘आईएसएल ग्रासरूट प्रोग्राम अवॉर्ड’, फुटबॉल प्रतिभाओं को तराशने की पहल को मिला सम्मान…

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लोक आलोक सेंट्रल डेस्क: इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) ने जमशेदपुर एफसी को सर्वश्रेष्ठ ग्रासरूट प्रोग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह सम्मान क्लब द्वारा युवाओं की प्रतिभा को संवारने, कोचिंग शिक्षा में निवेश और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है।

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जमशेदपुर एफसी के फुटबॉल स्कूलों में अंडर-5 से लेकर अंडर-13 आयु वर्ग के 350 से अधिक बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन स्कूलों में कौशल विकास और खेल की भावना को बढ़ावा देने वाले पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ साझेदारी में क्लब ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोचिंग की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई है।

क्लब के अध्यक्ष चाणक्य चौधरी ने कहा, “यह पुरस्कार हमारे वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। हमारा सपना है कि हर बच्चे को, उसकी पृष्ठभूमि या क्षमता चाहे जो भी हो, फुटबॉल खेलने का अवसर मिले।”

जमशेदपुर एफसी द्वारा आयोजित जमशेदपुर सुपर लीग अब अपने तीसरे संस्करण में प्रवेश कर चुकी है और यह देश की सबसे लंबी चलने वाली एआईएफएफ ब्लू क्यूब्स लीग बन चुकी है। इस सीजन में 70 टीमों के 628 बच्चों ने भाग लिया है, जिसमें 475 मैच खेले जा रहे हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को उसकी आयु वर्ग के अनुसार 165 से 600 मिनट तक का खेल समय सुनिश्चित किया गया है।

इसके अलावा, क्लब द्वारा आयोजित जमशेदपुर गोल्डन बेबी लीग में 108 टीमों के माध्यम से 971 बच्चों ने भाग लिया और कुल 1,525 गोल किए गए। यह लीग अब देश की सबसे लंबी चलने वाली बेबी लीग बन चुकी है। उल्लेखनीय है कि क्लब अब तक 40 डी-लाइसेंस कोच भी तैयार कर चुका है।

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जमशेदपुर एफसी की यह पहल न केवल झारखंड में बल्कि पूरे देश में ग्रासरूट फुटबॉल को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक मिसाल बन चुकी है।

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