B praak के गाने पर reels बना कर फेमस हुए आईपीएस अधिकारी अभिषेक सिंह हुए सस्पेंड…

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लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क:- अगर आप गाने सुनने के शौक़ीन हैं तो अपने बी-प्राक का गाना ‘दिल तोड़ के’ अवश्य सुना होगा। इस गाने के मुख्य किरादर में एक आईएएस अधिकारी थे। उन आईएएस अधिकारी का नाम अभिषेक सिंह है। इस गाने के बाद वो देशभर में चर्चा का विषय बन गए थे। उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। अब एकबार फिर से वो चर्चा में हैं और इस बार चर्चा उनके निलंबन के आदेश ने बनाई है।

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2011 बैच के यूपी काडर के IAS अधिकारी हैं अभिषेक 

उत्तर प्रदेश सरकार ने IAS अधिकारी अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया है। वे पिछले काफी समय से बिना बताए छुट्टी पर थे और जब उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तब उसका भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया है। बता दें कि 2011 बैच के यूपी काडर के आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह को वर्ष 2015 में तीन साल के लिए दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति दी गई थी। वर्ष 2018 में प्रतिनियुक्ति की अवधि दो वर्ष के लिए बढ़ाई गई, लेकिन उस दौरान वह मेडिकल लीव पर चले गए। इसलिए दिल्ली सरकार ने उन्हें 19 मार्च 2020 को मूल काडर यूपी वापस भेज दिया। इसके बाद उन्होंने यूपी में लंबे समय तक ज्वाइनिंग नहीं दी। 10 अक्तूबर 2021 को नियुक्ति विभाग ने उनका पक्ष मांगा तो इतनी लंबी अवधि तक अनुपस्थित रहने का कोई उत्तर भी नहीं दिया। हालांकि, 30 जून 2022 को उन्होंने यूपी में ज्वाइनिंग दी।

गुजरात विधानसभा चुनाव के वक्त भी आए थे विवादों में 

इसके बाद उन्हें प्रदेश सरकार ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की ड्यूटी पर भेजा। आयोग ने उन्हें प्रेक्षक बनाया न्होंने प्रेक्षक ड्यूटी का कार्यभार भी ग्रहण किया, लेकिन वहां कार के आगे फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर डालने की वजह से चर्चा में आ गए। निर्वाचन आयोग ने उचित आचरण न किए जाने पर 18 नवंबर 2022 को उन्हें प्रेक्षक ड्यूटी से हटा दिया। इसके बाद नियमानुसार उन्हें वापस अपनी पुरानी नियुक्ति पर रिपोर्ट करना था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

सरकार ने जारी किया आदेश 

जिसके बाद सरकार ने उनके इस कृत्य को अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली-1968 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर राजस्व परिषद से संबंध कर दिया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि संबद्धता की अवधि में बिना लिखित अनुमति प्राप्त किए मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक देवेश चतुर्वेदी ने अभिषेक सिंह के निलंबन का आदेश भी जारी कर दिया है।

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