भारत की एक और जीत,हांगकांग को रौंदा स्क्वैश में रचा इतिहास

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दिल्ली: भारत ने साल 2025 खत्म होने से पहले खेल जगत में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है. भारतीय स्क्वैश टीम ने स्क्वैश वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया. यह पहली बार है जब किसी एशियाई देश ने स्क्वैश वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है. रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने हांगकांग को 3-0 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.इस जीत की खास बात यह रही कि भारत ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया. मिक्स्ड-टीम फॉर्मेट में खेला गया यह टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतरता का शानदार उदाहरण बना. इससे पहले भारतीय टीम कभी भी स्क्वैश वर्ल्ड कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई थी. 2023 में टीम को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार टीम पूरी तैयारी और नए इरादों के साथ उतरी.रविवार को फाइनल में अनुभवी जोशना चिनप्पा ने दुनिया की नंबर 37 खिलाड़ी ली का यी को 3-1 से हराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने यह मैच 7-3, 2-7, 7-5, 7-1 से जीता। इसके बाद, एशियाई खेलों की पदक विजेता अभय सिंह ने दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स लाउ को 3-0 से हराया। उन्होंने यह मैच 7-1, 7-4, 7-4 से जीता। अंत में 17 साल की अनाहत सिंह ने दुनिया की नंबर 31 खिलाड़ी टोमैटो हो को 3-0 से हराकर भारत के लिए खिताब पक्का किया। इस मैच में उन्हें 7-2, 7-2, 7-5 से जीत मिली। भारत के राष्ट्रीय पुरुष एकल चैंपियन वेलावन सेंथिलकुमार को फाइनल में हेनरी लियुंग के खिलाफ खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
इस टूर्नामेंट में 12 देशों ने हिस्सा लिया था। इसमें भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मिस्त्र, हांगकांग, ईरान, जापान, मलेशिया, पोलैंड, साउथ अफ्रीका, साउथ अफ्रीका और स्विटजरलैंड शामिल हैं। 1996 में स्क्वैश विश्व कप की शुरुआत हुई थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहला खिताब जीता था। इसके बाद 1999 में इंग्लैंड की टीम चैंपियन बनी। फिर 12 साल बाद 2011 में इसका आयोजन हुआ तो मिस्त्र ने खिताब अपने नाम किया। 12 साल के बाद 2023 में हुए विश्व कप को भी मिस्त्र ने जीता था।

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