भारत ने चीनी नागरिकों के लिए Tourist VISA फिर से शुरू किया


चीन– भारत ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा (टूरिस्ट वीजा) जारी करना एक बार फिर शुरू कर दिया है। यह सुविधा दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के माध्यम से तत्काल प्रभाव से बहाल कर दी गई है। hindustantimes की खबर के मुताबिक, यह फैसला लगभग चार साल के निलंबन के बाद आया है, जिसे दोनों देशों के बीच सीमा तनाव के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम प्रगति माना जा रहा है।चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा सेवा को अप्रैल-मई 2020 में पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हुए सैन्य गतिरोध के बाद निलंबित कर दिया गया था। विशेष रूप से, गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के कारण द्विपक्षीय संबंध इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, जिसमें 20 भारतीय और कम से कम 4 चीनी सैनिक हताहत हुए थे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह से दुनिया भर में भारतीय मिशनों ने चीनी पासपोर्ट धारकों के लिए पर्यटक वीजा आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है, हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.अप्रैल-मई 2020 में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीन के बीच सैन्य टकराव शुरू हुआ था। इसके बाद जून में गलवान घाटी में हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन के भी कुछ सैनिक मारे गए थे। इ
सी घटनाक्रम के बाद भारत ने चीनी नागरिकों के सभी टूरिस्ट वीज़ा निलंबित कर दिए थे। चार महीने पहले, जुलाई 2025 में, भारत ने पहली बार बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू और हांगकांग में अपने दूतावासों के माध्यम से चीनी नागरिकों के लिए पर्यटन वीज़ा आंशिक रूप से बहाल किए थे। अब यह सुविधा पूरी दुनिया में लागू कर दी गई है।भारत और चीन के बीच अक्टूबर 2024 में LAC पर अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों को हटाने (Disengagement) पर सहमति बनी थी। इसके बाद रूस के कज़ान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने संबंधों को सामान्य करने के लिए कई तंत्रों (Mechanisms) को पुनर्जीवित करने पर सहमति जताई।भारत द्वारा चीनी नागरिकों के लिए दुनिया भर में पर्यटन वीज़ा फिर से खोलना इस बात का संकेत है कि दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे तनाव को पीछे छोड़कर संबंधों में सुधार लाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। हालाँकि सीमा विवाद अब भी अनसुलझा है।




