धराली आपदा का असर: गंगोत्री धाम में पसरा सन्नाटा, न श्रद्धालु न बिजली


उत्तरकाशी — हिंदुओं की आस्था के केंद्र गंगोत्री धाम में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। मां गंगा के इस पवित्र धाम में ना श्रद्धालु हैं, ना बिजली और ना ही फोन की घंटियां। 5 अगस्त को आई धराली आपदा के बाद से गंगोत्री की यात्रा पूरी तरह बाधित है, और मंदिर में केवल पुजारी व स्थानीय व्यवसायी ही मौजूद हैं।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्से भारी नुकसान के कारण बंद हो चुके हैं। नदी कई स्थानों पर सड़क को बहा ले गई, जबकि हजारों टन मलबे ने रास्तों को पूरी तरह ढक दिया है। इसके चलते यात्रा रोक दी गई है और भक्त धाम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
मंदिर में जहां चारधाम यात्रा के दौरान भक्तों की लंबी कतारें लगती थीं, वहां अब शांति का माहौल है। पुजारियों ने बताया कि आपदा के समय धाम में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर समिति ने रहने और खाने की व्यवस्था की थी, लेकिन आपदा के बाद अधिकतर श्रद्धालु लौट गए।
आपदा के छह दिन बीत जाने के बाद भी गंगोत्री में बिजली बहाल नहीं हो पाई है। साथ ही नेटवर्क पूरी तरह ठप है, जिससे यहां मौजूद लोग अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। पुजारी और स्थानीय लोग दोनों ही इस स्थिति से परेशान हैं, वहीं उनके परिजन भी संपर्क न हो पाने के कारण चिंतित हैं।



