IIIT के प्रथम वर्ष के छात्र की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, लापरवाही के आरोपों की होगी जांच

रांची : भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची में प्रथम वर्ष के एक छात्र की असमय मृत्यु के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने संज्ञान लिया है। छात्र को समय पर इलाज नहीं मिलने और संस्थान प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाये गये हैं। छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या थे, इसकी जांच कराने की बात कही गयी है।
मामले में चिकित्सा सहायता मिलने में कथित देरी, संस्थान प्रशासन की भूमिका और छात्र की मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल की जायेगी। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय, पुलिस-प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिये जाने की बात कही गयी है। जांच के माध्यम से घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जायेगा।
फिलहाल छात्र की मौत के पीछे संस्थान की लापरवाही या समय पर इलाज नहीं मिलने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और संबंधित परिस्थितियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।



