पाकिस्तान में एचआईवी संक्रमण ने लिया महामारी का रूप


पाकिस्तान: पाकिस्तान में एचआईवी (HIV) संक्रमण एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है. हाल के आंकड़ों और डब्ल्यूएचओ (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, यह संक्रमण अब सिर्फ कुछ विशेष समूहों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम परिवारों, महिलाओं और बच्चों तक फैल गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है.पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी विश्व एड्स दिवस के मौके पर WHO और UNAIDS द्वारा आयोजित जागरूकता वॉक में साझा की गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पहले HIV मुख्य रूप से उच्च जोखिम वाले समूहों (जैसे नशीले पदार्थों का इंजेक्शन लेने वाले) तक सीमित था, लेकिन अब यह बच्चों, जीवनसाथियों और सामान्य आबादी तक तेजी से फैल रहा है।
HIV फैलने के मुख्य कारण क्या है?
असुरक्षित रक्त आधान
दूषित सुई/इंजेक्शन का बार-बार उपयोग
संक्रमण नियंत्रण में गंभीर कमी
प्रसव पूर्व देखभाल में HIV जांच की कमी
असुरक्षित यौन संबंध
HIV से जुड़ा सामाजिक कलंक
इलाज और जांच सुविधाओं तक सीमित पहुंच
रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि पाकिस्तान में वास्तव में करीब 3.5 लाख लोग HIV से संक्रमित हैं, लेकिन इनमें से लगभग 80% लोग अपनी स्थिति से पूरी तरह अनजान हैं। बच्चों पर इसका असर विशेष रूप से भयावह है। 0-14 साल के बच्चों में नए HIV मामले 2010 में 530 थे, जो 2023 तक बढ़कर 1800 हो गए। पिछले दशक में एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) लेने वाले मरीजों की संख्या में 8 गुना इजाफा हुआ है। 2013 में 6500 से बढ़कर 2024 में 55500 हो गई। इसी तरह ART केंद्रों की संख्या 2010 में 13 से बढ़कर 2025 में 95 हो गई है।2024 में केवल 21 फीसदी संक्रमितों को अपनी बीमारी का पता था। हैरान करने वाली बात ये है कि इनमें से सिर्फ 16% इलाज ही कर रहे थे, और मात्र 7 प्रतिशत ने वायरल लोड को दबा पाया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2024 में AIDS से 1100 से अधिक लोगों की मौतें हुईं है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार कई मामलों में 80% से अधिक मामले बच्चों के थे। सबसे दुखद बात यह है कि 0-14 साल के HIV पॉजिटिव बच्चों में से केवल 38 प्रतिशत को ही इलाज मिल पा रहा है।




