पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के पास है ग्लॉक पिस्टल, उपायुक्त ने राज्यीय शस्त्रागार में जमा करने का दिया आदेश


रांची/जमशेदपुर: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर से हथियारों का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और जमशेदपुर पश्चिम से कांग्रेस विधायक बन्ना गुप्ता के पास मौजूद एक ग्लॉक पिस्टल को लेकर बवाल मच गया है। इस मामले में राज्य प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए गुप्ता को आदेश दिया है कि वह उक्त हथियार को तत्काल प्रभाव से राजकीय शस्त्रागार में जमा करें। यह आदेश जिला उपायुक्त द्वारा जारी किया गया है।
दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब पूर्व मंत्री सरयू राय ने विधानसभा के भीतर यह मुद्दा उठाया और दावा किया कि बन्ना गुप्ता के पास ग्लॉक-44 नामक एक आधुनिक और प्रतिबंधित श्रेणी की पिस्टल है, जिसे भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा “नॉन-सिविलियन” कैटेगरी में रखा गया है। सरयू राय ने इसे एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की थी।
लेकिन अब जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश देते हुए उन्हें कहा है कि ग्लॉक पिस्टल को बिना देर किए शस्त्रागार में जमा कराएं। इस आदेश के पीछे की बड़ी वजह यह है कि कुछ अमेरिकी हथियार कंपनियों के उत्पादों को भारत सरकार ने आम नागरिकों के लिए अनुपयुक्त और सीमित उपयोग वाले हथियार की श्रेणी में डाल दिया है। इस आधार पर उपायुक्त ने यह कार्रवाई की है।
फिलहाल जिला प्रशासन अपने आदेश पर कायम है और जल्द ही यदि बन्ना गुप्ता हथियार शस्त्रागार में जमा नहीं करते हैं, तो उनके लाइसेंस पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अगर आदेश की अवहेलना होती है तो अगली कार्रवाई लाइसेंस रद्द करने की दिशा में बढ़ सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। क्या यह सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया है या इसके पीछे राजनीतिक मकसद छुपा है – यह तो आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल बन्ना गुप्ता और कांग्रेस पार्टी पर दबाव जरूर बढ़ गया है|




