सरला बिरला विश्वविद्यालय में “ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजीज़ फॉर अ सस्टेनेबल एनवायरमेंट” विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ


रांची:- सरला बिरला विश्वविद्यालय में आज से “ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजीज़ फॉर अ सस्टेनेबल एनवायरमेंट” विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सतत ऊर्जा प्रणालियों को लेकर जागरूकता फैलाना तथा शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं में नवाचार, अनुसंधान एवं शिक्षण क्षमताओं को विकसित करना है। यह एफडीपी मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग तथा सिविल एवं एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा, आईक्यूएसी और इंस्टीटूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो 7 जुलाई से 11 जुलाई 2025 तक चलेगा।

इस अवसर पर एसबीयू के माननीय कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हरित ऊर्जा और सततता न केवल वर्तमान की आवश्यकता हैं, बल्कि भविष्य की स्थिरता के लिए अनिवार्य मार्ग हैं। उन्होंने शिक्षकों से वैश्विक हरित परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया। माननीय महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने बदलती जलवायु परिस्थितियों और राष्ट्रीय सततता लक्ष्यों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रतिभागियों को शोध और तकनीकी नवाचार में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रो. पंकज कुमार गोस्वामी, डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटर साइंस, ने ऊर्जा को भविष्य के आर्थिक विकास, पर्यावरणीय संतुलन और नवाचार की धुरी बताया। उन्होंने हरित ऊर्जा को अपनाने की दिशा में शिक्षकों से दीर्घकालिक पहल करने की अपील की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सागर सारंगी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वी.एन.एल. दुर्गा ने प्रस्तुत किया, जिन्होंने आयोजन समिति, वक्ताओं और उपस्थित अतिथियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
एफडीपी के पहले दिन दो विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए, जिसमें देश के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं ने भाग लिया। डॉ. संतोष कुमार साहू, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी मद्रास ने “भारत के विनिर्माण क्षेत्र में कार्बन मूल्य निर्धारण” विषय पर व्याख्यान दिया, जबकि डॉ. बसुदेव प्रधान, असिस्टेंट प्रोफेसर, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड ने “सतत पर्यावरण के लिए सौर फोटोवोल्टेक प्रौद्योगिकी” विषय पर विचार रखते हुए सौर नवाचार की उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने ऊर्जा मांगों को पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस एफडीपी में देशभर से लगभग 200 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया, जो शिक्षाविदों और शोध समुदाय की इस विषय में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय परिवार में उत्साह देखा गया। आयोजन पर एसबीयू के माननीय प्रतिकुलाधिपति श्री बिजय कुमार दलान और माननीय राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं और इसे समयानुकूल पहल बताया।



