एक्सएलआरआई में 7 फरवरी को पहला लेबर कोड्स कॉन्क्लेव–26, नई श्रम संहिताओं के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर होगा मंथन


जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित XLRI Jamshedpur और National HRD Network के संयुक्त तत्वावधान में 7 फरवरी 2026 को “1st Labour Codes Conclave ’26” का आयोजन किया जाएगा। यह एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का उच्च प्रभाव वाला कॉन्क्लेव होगा, जो भारत की चार नई श्रम संहिताओं के व्यावहारिक क्रियान्वयन और अनुपालन पर केंद्रित रहेगा।

“From Policy to Practice” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव एक इमर्सिव वर्कशॉप के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य श्रम कानूनों की विधायी मंशा और वास्तविक संगठनात्मक क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटना है। कार्यक्रम में वरिष्ठ नीति-निर्माता, उद्योग जगत के नेता, अनुभवी एचआर पेशेवर और श्रम कानून विशेषज्ञ सत्रों का संचालन करेंगे।
कॉन्क्लेव के एजेंडे में चारों श्रम संहिताओं पर केंद्रित विशेष सत्र शामिल होंगे, जिनमें नीति का उद्देश्य, कानूनी ढांचा, नियोक्ताओं और एचआर पर प्रभाव, अनुपालन प्रणाली और संगठनों की तैयारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रैक्टिशनर-नेतृत्व वाली इम्प्लीमेंटेशन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी, जिसमें वास्तविक केस स्टडी, अनुपालन सिमुलेशन और एप्लाइड लर्निंग के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, एक क्लोज-डोर फैकल्टी–इंडस्ट्री राउंडटेबल का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों और भविष्य में शैक्षणिक–औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।
कॉन्क्लेव का एक प्रमुख परिणाम “लेबर लॉ कंपेंडियम” का निर्माण होगा, जिसमें कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं और विशेषज्ञों के व्यावहारिक सुझावों को संकलित किया जाएगा। यह कंपेंडियम एनएचआरडी और एक्सएलआरआई के संयुक्त बैनर तले प्रकाशित किया जाएगा और नेशनल एचआरडी नेटवर्क के माध्यम से देशभर में प्रसारित किया जाएगा।
एक्सएलआरआई के एक अधिकारी ने बताया कि जो प्रतिभागी नीति सत्रों और इम्प्लीमेंटेशन वर्कशॉप को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे, उन्हें एनएचआरडी और एक्सएलआरआई द्वारा संयुक्त प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र श्रम संहिता की व्याख्या, वैधानिक अनुपालन और एचआर गवर्नेंस में उनकी दक्षता को मान्यता देगा।
यह कॉन्क्लेव सीमित संख्या में उद्योग विशेषज्ञों, वरिष्ठ एचआर लीडर्स, कानूनी पेशेवरों और अनुपालन विशेषज्ञों के लिए खुला रहेगा। आयोजकों ने ज्ञान भागीदार या प्रायोजक के रूप में सहयोग करने के इच्छुक संगठनों को भी आमंत्रित किया है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित कंपेंडियम और प्रमाणन ढांचे से दीर्घकालिक पहचान मिल सकेगी।



