बिरसानगर में 17 वर्षीय लड़की को ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर ले जाने का आरोप, पिता ने SSP से की सख्त कार्रवाई की मांग


जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिरसानगर इलाके से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप एक व्यक्ति पर लगाया है। पीड़ित के पिता, राजेंद्र महतो, ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी बिना किसी सूचना के घर से गायब हो गई और उन्हें शक है कि उसे योजनाबद्ध तरीके से गलत नीयत से ले जाया गया है।

राजेंद्र महतो के अनुसार, आरोपी व्यक्ति का नाम मिथिलेश कुमार सिंह है, जो स्वयं भी एक बच्ची का पिता है। शिकायत में कहा गया है कि मिथिलेश ने एक सोची-समझी साजिश के तहत लड़की को पहले प्रेम के नाम पर फंसाया और फिर उसे घर से ले गया। पिता ने इसे स्पष्ट रूप से “लव ट्रैप” बताते हुए कहा कि आरोपी ने नाबालिग का भरोसा जीतकर उसे बहका लिया।
परिवार के अनुसार, यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि आरोपी पहले से ही लड़की को अपने जाल में फँसाने की कोशिश कर रहा था। लड़की के लापता होने के बाद से परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल है। राजेंद्र महतो ने बताया कि मामले की जानकारी देने के बावजूद स्थानीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई नहीं की गई।
इसी कारण उन्होंने सीधे जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को एक लिखित आवेदन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पिता ने SSP से अनुरोध किया है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए और नाबालिग बेटी को सुरक्षित ढूंढकर वापस लाया जाए।
कानूनी दृष्टि से यह मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि लड़की केवल 17 साल की है और भारत में 18 वर्ष से कम आयु की लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाना, चाहे किसी भी बहाने से हो, कानूनन अपहरण माना जाता है। साथ ही, नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक शोषण POCSO कानून के तहत कठोर अपराध है।
परिवार लगातार मांग कर रहा है कि जांच तेज की जाए, आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और लड़की को सुरक्षित तलाशा जाए। SSP को मामले की विस्तृत तहरीर सौंपने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि उच्चस्तरीय जांच जल्द शुरू होगी।
इस घटना ने बिरसानगर क्षेत्र में भी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि नाबालिगों को निशाना बनाने वाले ऐसे मामलों को लेकर स्थानीय लोग भी डरे हुए हैं। अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



