झारखंड एयर एम्बुलेंस क्रैश पर चश्मदीदों ने बताई भयावह दहाड़ और हादसे की सच्ची कहानी


चतरा : झारखंड के चतरा जिले में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस के हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घटनास्थल से अपने आंखों देखी हालात बयान किए हैं। हादसा 23 फरवरी की शाम को सिमरिया के जंगल के पास हुआ, जब विमान अचानक आकाश में अजीब आवाज के साथ गिरा। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने एक तेज़ धमाके जैसी आवाज़ और बादलों में धुआं उठता देखा। इसके तुरंत बाद इलाके में चौंकाने वाली खौफनाक खामोशी फैल गई।स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ग्रामीणों को फोन पर सूचना मिली कि रांची से उड़ान भरती एम्बुलेंस अचानक असामान्य तरीके से नीचे गिर रही है। कई लोगों ने बताया कि तेज़ वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं के बीच विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा था। इसके बाद इतने बड़े हादसे की जानकारी मिलते ही वहां की मेडिकल और बचाव टीमें तत्काल पहुंचीं, लेकिन सभी सवारों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस और प्रशासन ने भी कहा कि विमान ने टेकऑफ के बाद कुछ ही देर में रडार और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क खो दिया, और दुर्घटना के बाद उसके टुकड़े घने जंगल में फैल गए। इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई, जिसमें दो पायलट, एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक और कुछ परिवार के सदस्य शामिल थे। हादसे के तुरंत बाद आस-पास के ग्रामीण भय के साथ वहां जमा हो गए। कई ने यह भी बताया कि बिखरे मलबे और विमान के टुकड़ों को देखकर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि इतनी भयावह घटना वाकई हुई है। राहत-बचाव के दौरान खोजी दलों ने सभी शव बरामद कर लिए और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ये बयान दुर्घटना के दर्दनाक असर और स्थानीय लोगों के सामने आई पहली प्रतिक्रिया को दिखाते हैं, जब एक सामान्य-सी उड़ान अचानक भूतिया हादसे में बदल गई।



