अंत्योदय परिवार के बच्चों से आधार कार्ड के नाम पर वसूली! शिक्षकों ने कैमरे पर स्वीकारी ‘पैसे लेने की मजबूरी’, ब्लॉक अधिकारी ने भी फोन पर मानी बात


आदित्यपुर:- ‘अबुआ राज’ में गरीबों से भी वसूली! जिले के कई सरकारी विद्यालयों में अंत्योदय परिवार से आने वाले बच्चों से आधार कार्ड बनवाने के नाम पर खुलेआम दो से ढाई सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि सरकार ने ऐसे बच्चों का आधार निशुल्क बनाने के निर्देश जारी कर रखे हैं। लोक आलोक न्यूज़ की जांच टीम को मिली सूचना के आधार पर जब एक सरकारी विद्यालय में पड़ताल की गई, तो जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको चौंका दिया। कैमरे पर ही स्कूल की शिक्षिका और स्टाफ ने स्वीकार किया कि बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र न होने के कारण आधार कार्ड बनवाने में “बाहरी खर्च” लग रहा है, इसलिए “मजबूरी में” बच्चों से पैसे लिए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे अंत्योदय एवं अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं। सरकार इनके लिए बैंक खाते खुलवाने और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएँ चला रही है, मगर जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा और इस स्थिति का फायदा उठाकर स्कूल प्रबंधन अवैध वसूली में जुट गया है। इस बीच, जब लोक आलोक न्यूज़ की टीम ने इस पूरे मामले पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया, तो उन्होंने भी फोन पर यह स्वीकार किया कि “हमलोग पैसा लेकर ही आधार बनवाते हैं”, लेकिन जैसे ही उनसे विस्तार से विवरण और जिम्मेदारी के बारे में पूछा गया, उन्होंने फोन काट दिया। सरकार की ओर से पहले भी स्कूलों में निःशुल्क आधार कार्ड शिविर लगाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब वह प्रक्रिया ठप पड़ी है। सवाल उठता है—जब सरकार ने आधार कार्ड बनवाने की सुविधा निशुल्क कर रखी है, तो फिर गरीबों से पैसे क्यों लिए जा रहे हैं? क्या ‘अबुआ राज’ में भी सरकारी स्कूलों में गरीबों की जेब काटना नई व्यवस्था बन गई है?




