खनन पदाधिकारी की उदासीनता से बालू ट्रैक्टर चालक हो रहे बालू माफियाओं के हाथो शोषण का शिकार,खुलेआम कालाबाजारी मे बिक रहा सोन का सोना
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विक्रमगंज ( उदय कुमार यादव):-सोन का सोना कहे जाने वाला बालू इन दिनों खनन विभाग समेत सबंधित पदाधिकारियों की उदासीनता लापरवाही एवं अर्थलोलूपता के कारण कालाबाजारी मे बिकने को मजबूर दिखने लगा है।वजह संचालित बालू घाट पर सबंधित पदाधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं होने से बालू माफिया बालू लदे ट्रैक्टर से चालान सात सौ का काटते है।लेकिन वसूल आठह सौ रुपया करते है।इसमें कितना दम है यह तो जांच के बाद ही खुलासा हो पायेगा।लेकिन ट्रैक्टर चालकों पर विश्वास करे तो इनका कहना है कि सौ सीएफटी बालू सात सौ का चलान कटाने के लिए आठर सौ रुपया बालू घाट मे देना पड़ता है। जहां से लाकर अनुमंडल के विभिन्न बाजारों में हमलोग चार से पांच हजार मे बेचते है।इनका यह भी कहना है कि बालू कारोबारी जो नजायज रुपया बालू लदे वाहनों से वसूल करते है। वे लेना बंद कर देंगे तो बालू का रेट सवतः ढाई से तीन हजार हो जायेगा।ग्राहकों को फायदा पहुंचाने के लिए गाड़ी को ओ भर लोड किया जाता है।हालांकि प्रशासनिक अधिकारियो के सख्ती बरती जाने एवं दर्जनों वाहनों को अपने गिरफ्त मै लिए जाने के कारण शहर के चिकनी सड़को पर इन दिनों ओभर लोड ट्रैक्टर व ट्रक की रफ़्तार थोड़ा धीमी पड़ गया है और एकादुका ही बालू लदे ओवर लोड वाहनों नजर आ रही है। लेकिन सूत्रों की माने तो बालू लदे ओवर लोड़ेड वाहनों का परिचालन रात के अंधेरे में अधिक हो रहा है।जो बिहार की सड़को के रास्ते यूपी तक पहुंचाया जा रहा है।
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