दक्षिणी छोर पर बनेगा ड्यूल-यूज मिलिट्री एयरफील्ड,मोदी सरकार के ब्लूप्रिंट से खुलासा

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Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित ग्रेट निकोबार द्वीप पर एक अत्यंत रणनीतिक हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. न्यूज18 को प्राप्त इस विशेष ब्लूप्रिंट के अनुसार यह एयरपोर्ट न केवल नागरिक उड़ानों के लिए होगा, बल्कि ड्यूल-यूज मिलिट्री एयरफील्ड के रूप में भी विकसित किया जाएगा. यह भारतीय नौसेना की रक्षा क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगा. इस परियोजना से बड़े सैन्य विमानों का संचालन संभव होगा और पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में रक्षा ठिकानों की जवाबी कार्रवाई के समय में बड़ी कमी आएगी.
सरकार ने इस रणनीतिक विकास के लिए कंसल्टेंट्स को आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. छह डिग्री चैनल के निकट स्थित यह हवाईअड्डा भारत की सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में लंबी अवधि की आर्थिक और कनेक्टिविटी संभावनाओं को अनलॉक करेगा. दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों में से एक के पास होने के कारण इसकी रणनीतिक महत्व असाधारण है. वर्तमान में सबसे निकटतम प्रमुख नागरिक हवाईअड्डा पोर्ट ब्लेयर का वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो 500 किलोमीटर से अधिक दूर है.ब्लूप्रिंट से पता चलता है कि एयरपोर्ट बड़े सैन्य प्लेटफॉर्म्स के संचालन को सक्षम बनाएगा, जिससे पूर्वी हिंद महासागर में भारत की परिचालन पहुंच काफी बढ़ जाएगी. एयरपोर्ट साइट चारों तरफ पहाड़ियों से घिरी हुई है. रनवे स्ट्रिप के पूर्वी हिस्से के पास स्थित दो पहाड़ियों को आवश्यक ऊंचाई तक काटा जाएगा ताकि ऑब्स्टेकल लिमिटिंग सरफेस (OLS) में कोई बाधा न आए. ग्रेट निकोबार द्वीप जनसंख्या की दृष्टि से विरल है और ज्यादातर घने वर्षा वन से ढका हुआ है.

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