उपेक्षा का शिकार वार्ड 18 में 5 साल से नालियां जाम, बस्तीवासियों का आरोप, पूर्व पार्षद और नगर निगम की उदासीन रवैया बन रहा अभिशाप


Saraikela: राम मड़ैया बस्ती विकास समिति ने उपेक्षा का शिकार लगाते गए पूरे वार्ड 18 की स्थिति नारकीय बताया है. जिसमें 5 साल से जाम नालियां और टूटी फूटी सड़कों की स्थिति को उजागर किया है. राम मड़ैया बस्तीवासियों का आरोप है कि यहां के पूर्व पार्षद और नगर निगम की उदासीन रवैया की वजह से यह स्थिति बनी हुई है जो हम सब के लिएअभिशाप बन गया है. बता दे कि बस्ती विकास समिति द्वारा पूर्व पार्षद रंजन सिंह को दिए गए आवेदन पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि बस्ती की अधिकतर नालियाँ वर्षों से जाम पड़ी है. नगर निगम और जनप्रतिनिधियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई. आवेदन पत्र में आदित्य तिवारी, रवि सोनकर, स्व. उदय राज सिंह और बाने लोहार के घर के समीप वाले इलाकों की नालियों के जाम होने का विस्तृत विवरण भी दिया गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले पाँच वर्षों में एक भी बार नालियों की व्यवस्थित सफाई नहीं कराई गई है. कचरा जस का तस पड़ा रहने से जगह-जगह दुर्गंध फैल रही है, पानी का बहाव रुक गया है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. इससे बस्ती में डेंगू, मलेरिया और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. बस्तीवासियों ने पूर्व पार्षद और नगर निगम दोनों पर गंभीर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि शिकायत करने पर या तो सफाई ही नहीं होती या आधा-अधूरा काम करके छोड़ दिया जाता है. नेता केवल चुनाव आने पर वादों की पोटली लेकर दिखते हैं लेकिन बस्ती की वास्तविक समस्याओं का समाधान कभी नहीं करते हैं.लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम जल्द कार्रवाई नहीं करता तो वे बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराने को बाध्य होंगे. वार्ड 18 की जनता लगातार बढ़ रही गंदगी और प्रशासनिक निष्क्रियता से बेहद नाराज़ हैं.




