बोनस नोटिस को लेकर न घबराएं, सजग रहना ही है समाधान — श्रम विभाग ने दी स्थिति स्पष्ट करने की जानकारी


आदित्यपुर :- बीते कुछ दिनों से कई लघु और मध्यम उद्यमियों द्वारा यह जानकारी दी जा रही थी कि श्रम विभाग की ओर से उन्हें बोनस से संबंधित कागजात श्रम अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजे गए हैं, जिससे शहर के छोटे उद्योगपतियों के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इसरो प्रतिनिधिमंडल जिसमें रुपेश कतरियार, संदीप मिश्रा, उत्तम कुमार और अवनीत मूतरेजा शामिल थे, ने आज श्रम अधीक्षक श्री अविनाश ठाकुर से उनके कार्यालय में मुलाकात की और उद्यमियों के बीच उत्पन्न भ्रम की स्थिति को साझा किया। श्रम अधीक्षक ने विस्तार से बातचीत में यह स्पष्ट किया कि यह नोटिस किसी दंडात्मक कार्रवाई के लिए नहीं है बल्कि एक प्रक्रिया के तहत भेजा गया है, और जिन उद्यमियों के लिए यह लागू नहीं होता, उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया कि जिन इकाइयों ने अभी तक अपने उत्पादन के 5 वर्ष पूर्ण नहीं किए हैं उन पर यह नियम लागू नहीं है, और जिन संस्थानों में कभी भी 20 से कम कामगार रहे हैं वे भी इस दायरे में नहीं आते। इसके अतिरिक्त यदि किसी उद्यमी के पास सभी कागजात उपलब्ध नहीं हैं तो वे विभाग को सूचित कर 15 से 20 दिनों का अतिरिक्त समय ले सकते हैं। श्रम अधीक्षक ने यह भी आश्वासन दिया कि जुलाई माह में एक संवाद कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें इस विषय पर विस्तृत जानकारी, नियमावली और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया जाएगा ताकि कोई भी उद्यमी किसी भ्रम या डर में न रहे।




