वायरल ऑडियो मामले में मुख्यालय तक चर्चा, एसपी के आदेश पर चल रही है जांच,कार्रवाई तय…इस अधिकारी ने कर दिया सरायकेला जिला को बर्बाद…देखें स्पेशल रिपोर्ट…

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सरायकेला-खरसावां: कल हुए स्क्रैप सिंडिकेट के लाइजनिंग सिस्टम की ऑडियो की चर्चा झारखंड पुलिस मुख्यालय तक हो चुकी है। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि इस मामले पर एसपी द्वारा डीएसपी को पूरे प्रकरण की जांच का आदेश दे दिया गया है। इधर खबर प्रकाशित होते ही कई सफेदपोश भी दौड़ भाग करने लगे। कुछ लोगो के द्वारा चैनल को खबरें रोकने और डिलीट करने के लिए एक रूलिंग पार्टी के नेता द्वारा काफी मान-मनौव्वल भी किया गया। लेकिन कोई फायदा नजर नही आया। हालांकि लोक आलोक न्यूज इस बात का दावा करता है कि स्क्रैप के इस काले कारोबार में कई वैसे सफेदपोश भी शामिल है जो कि खुद को व्हाइट कॉलर का होने का दावा करते है। बीते दिन जैसे ही लोक आलोक न्यूज द्वारा स्क्रैप के काले कारोबार की खबर प्रकाशित की गई वैसे ही कई सरकारी अधिकारी और स्क्रैप धंधेबाजों तक खबरें वायरल हो गई और फिर क्या था बाजार में दहशत फ़ैल गई कि शायद कोल्हान में दर्जनों स्क्रैप टाल और गोदाम बंद हो जाएंगे। छह माह पहले सरायकेला-खरसंवा में डॉ विमल कुमार ने पदभार ग्रहण करते ही सभी धंधे सख्ती से बंद करवाए थे। यहां तक कि एसपी खुद फिल्ड में छापेमारी करने निकल जाते थे। बस इसी तरह वर्तमान एसपी मुकेश लुणायत ने भी सभी थानेदारों को अवैध धंधों पर लगाम लगाने की चेतावनी दे दी है।

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सूत्रों की मानें तो डीएसपी की जांच के बाद ओमप्रकाश सिंह का निलंबन,स्थानांतरण या लाईन हाजिर होना तय माना जा रहा है। अब देखने वाली बात है कि इतने बड़े स्क्रैप सिंडिकेट के बड़े-बड़े सरगनाओं तक पहुंचने में पुलिस किन बिंदुओं पर जांच कर रही है।

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पिछले कुछ सालो में बर्बाद हो गया सरायकेला जिला…

पिछले कुछ सालों में जिस तरह से अवैध कारोबार सरायकेला जिला में बढ़ा है इसके जिम्मेदार सरायकेला जिले के अधिकारी ही रहे है। जिसका पुख्ता प्रमाण भी मौजूद है। अभिजीत कंपनी से स्क्रैप चोरी के माल टपाने से लेकर ब्राउन शुगर तक के काले कारोबार में सरायकेला जिले के चर्चित थाने के तत्कालीन थानेदार समेत आला अधिकारी भी शामिल रह चुके है। अगर प्रशासन की ओर से पूर्व के मामले में जांच हो जाए तो कई थानेदार समेत गिने चुने कथित पत्रकार और कुछ एसपी लेवल के अधिकारी भी रडार में आ जायेंगे। इस बात की गारंटी है। सरायकेला जिले में अवैध कारोबार का दंश जमशेदपुर भी कई दफा झेलता रहा है। सूत्र बताते है कि जमशेदपुर के आदित्यपुर से सटे होने के कारण कुछ वैसे अधिकारी भी है जो सरायकेला जिले में हमेशा से अपराधियों के संपर्क में रहते थे और आज भी पड़ोसी जिले में ट्रांसफर करवा कर आदित्यपुर से भी चांदी काट रहे है। लोक आलोक न्यूज की टीम के द्वारा जल्द ही वैसे अधिकारियों और लाइजनर का भी खुलासा किया जाएगा जो की अवैध कारोबार का सपोर्ट करते है।

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