साकची में नानी बाई रो मायरो कथा का भक्तिमय समापन, महिलाओं ने प्रस्तुत किया भावपूर्ण विवाह प्रसंग


जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित श्री अग्रसेन भवन में आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरो की कथा का समापन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन महिलाओं की धार्मिक एवं सामाजिक संस्था राधा रानी मंडल द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की।

समापन दिवस पर राधा रानी मंडल की सदस्यों ने नानी बाई की बेटी के विवाह का भावनात्मक दृश्य प्रस्तुत किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सजे कलाकारों के साथ मायरा भरने की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा का वाचन व्यास पीठ से कथावाचक पाकी शर्मा ने किया। उन्होंने नानी बाई और भक्त नरसी मेहता की अटूट श्रद्धा पर आधारित इस प्रेरणादायी कथा का मनोहारी वर्णन किया। कथा में प्रीति शर्मा ने उनका सहयोग किया। आयोजन स्थल पर बाल गोपाल का आकर्षक दरबार भी सजाया गया था।
कथावाचक ने कहा कि यदि भगवान को सच्चे मन से स्मरण किया जाए, तो वे स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए उपस्थित होते हैं। उन्होंने नरसी मेहता और उनकी पुत्री नानी बाई की भक्ति का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब नरसी जी अपनी बेटी के विवाह में भात (मायरा) भरने में असमर्थ होते हैं, तब भगवान श्रीकृष्ण स्वयं उनके घर आकर सोने, चांदी और धन से भंडार भर देते हैं। यह प्रसंग भक्ति की शक्ति और ईश्वर की कृपा का प्रतीक है।
उन्होंने मानव जीवन को अनमोल बताते हुए भक्तों से इसका सदुपयोग करने और भजन-स्मरण के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। समापन के अवसर पर लगभग 600 से अधिक महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस तीन दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में राधा रानी मंडल की सभी महिलाओं का सराहनीय योगदान रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का वातावरण बना रहा।



