जमशेदपुर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री के पुतले जलाए; काले श्रम कानून वापस लेने की मांग


जमशेदपुर: जमशेदपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए श्रम कानूनों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री के पुतले जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि नए श्रम कानून मजदूरों के हितों को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।

प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमिटी के सदस्य, श्रमिक संगठन और कई मजदूर नेता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों के लागू होने के बाद यूनियन बनाने, औचक निरीक्षण, सुरक्षा मानकों और कामगारों के अधिकारों पर गंभीर असर पड़ा है। कई अधिकार, जो पहले मजदूरों को सुरक्षा प्रदान करते थे, अब कमजोर हो गए हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि नए नियम पूँजीपतियों और बड़े औद्योगिक घरानों के पक्ष में हैं, जबकि मजदूरों के हितों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे कार्य घंटे, रोजगार असुरक्षा, और संगठन बनाने पर पाबंदियाँ मजदूर वर्ग पर भारी पड़ रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि सरकार इन श्रम कानूनों को तुरंत वापस ले। उनका कहना था कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध और तेज होगा और बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।
इस प्रदर्शन का उद्देश्य मजदूरों की समस्याओं को उजागर करना और उन्हें एकजुट कर सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाना था। आंदोलन से यह संकेत मिलता है कि नए श्रम कानूनों के खिलाफ असंतोष लगातार बढ़ रहा है।



