झारखण्ड स्थापना-दिवस के अवसर पर आदित्यपुर में रंगारंग संगीतमय संध्या


आदित्यपुर: राज्य के स्थापना-दिवस (Jharkhand Foundation Day) के उपलक्ष्य में सामाजिक-सांस्कृतिक पंजिय कार्यक्रमों में एक नया आयाम जुड़ गया। बुधवार की शाम को आदित्यपुर की प्रमुख सभा-स्थल में एक भव्य संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक लोकगीत-नृत्य से लेकर आधुनिक संगीत प्रस्तुति तक का विविध कार्यक्रम उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंच-भूमि पर झारखंड की लोकधरोहरों-‘पाँगी’, ‘डाँगरी’ एवं ‘घुमर’ नृत्यों द्वारा हुई, जिसके बाद गायक-गायिकाओं ने ताजगी भरे गीत-संगीत से माहौल को और जीवंत बना दिया। आयोजन में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने समान भागीदारी दिखाई।
मंच संचालन टीम ने बताया कि इस तरह का कार्यक्रम राज्य-भक्ति एवं सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए रखा गया था। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि “हम चाहते हैं कि युवा अपनी जड़ों से जुड़ें और लोक-संगीत को पहचानें — यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, हमारी सामाजिक विरासत भी है।”
स्थानीय प्रशासन एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि आने वर्षों में इस तरह की सांगीतिक-सांस्कृतिक संध्याओं को अधिक नियमित रूप से जारी रखा जाएगा, ताकि क्षेत्र की कलात्मक प्रतिभाएं सामने आयें और स्थानीय-सामाजिक एकता को सुगम बनाया जा सके।
समापन के समय आयोजकों ने उपस्थित लोगों का आभार जताया और भविष्य में ऐसे और आयोजन करने का संकल्प लिया।



