CJI सूर्यकांत ने SIR विवाद सुनवाई के दौरान रजिस्ट्री को आदेश दिया — “अब नए आवेदन नहीं स्वीकारें”


दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने SIR (Special Intensive Revision) मामले की सुनवाई के दौरान registry को स्पष्ट निर्देश दिया कि अब कोई भी ताजा याचिका स्वीकार नहीं करनी है। यह आदेश सुनवाई के दौरान CJI की नाराज़गी के जवाब में दिया गया।

CJI ने कहा कि SIR मामले में पहले से ही कई याचिकाएँ अदालत में लंबित हैं और इस बीच नए-नए आवेदन सुनवाई प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने registry से कहा कि जब तक मुख्य बेंच की अनुमति न आए, तब तक कोई भी नई याचिका दाखिल न की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय की सुनवाई जटिल है और अदालत को इसे व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना होगा। इसलिए नए प्रार्थना पत्रों को शामिल करने से मामले की प्रगति में बाधा आ रही है। CJI का मानना है कि registry को आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए और केवल उन्हीं दस्तावेज़ों को स्वीकार करना चाहिए जिन पर सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व की अनुमति हो।
सुनवाई के दौरान CJI की तीखी बातों से यह स्पष्ट हुआ कि अदालत चाहती है कि SIR मामले की जांच और बहस मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रहे और अनावश्यक याचिकाओं से ध्यान विचलित न हो।



