मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इटानगर में किया 69वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025 का उद्घाटन


इटानगर :- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को राजधानी इटानगर स्थित खेलो इंडिया इंडोर स्टेडियम में 69वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025 (अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग – बॉक्सिंग प्रतियोगिता) का भव्य शुभारंभ किया। यह पहला अवसर है जब अरुणाचल प्रदेश को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम का शुभारंभ रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मार्च पास्ट के साथ हुआ, जिसमें देशभर से आए खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीमों का परिचय दिया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने दीप प्रज्वलित कर खेल महोत्सव का उद्घाटन किया और कहा कि — “यह हमारे राज्य के लिए गर्व का क्षण है कि आज हम राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। अरुणाचल अब खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो, कराटे, वुशु, बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया केंद्र, मल्टीपर्पस इंडोर हॉल, राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना की है।
उन्होंने कहा कि राज्य का उद्देश्य है कि आने वाले समय में अरुणाचल प्रदेश को पूर्वोत्तर भारत का खेल केंद्र (Hub of Sports Excellence) बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ खेलें और राज्य व देश का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर खेल विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए कोच, शिक्षक और सैकड़ों खिलाड़ी उपस्थित थे। प्रतियोगिता में देशभर के स्कूलों से अंडर-17 आयु वर्ग के सैकड़ों बॉक्सर भाग ले रहे हैं।
आयोजन का दायित्व स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के अधीन है। उल्लेखनीय है कि अरुणाचल प्रदेश ने 2008-09 में SGFI की सदस्यता प्राप्त की थी और महज कुछ वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल कर ली है।
मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि इस आयोजन से न केवल राज्य के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि खेल पर्यटन, स्थानीय रोजगार और खेल अवसंरचना के विकास को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अरुणाचल के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी देश का परचम लहराएंगे।




