स्टील सिटी अस्पताल में बिल विवाद ने लिया हिंसक रूप, वकील और स्टाफ के बीच मारपीट, थाने पहुंचा मामला


जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित स्टील सिटी अस्पताल में रविवार को डिस्चार्ज बिल को लेकर बड़ा विवाद हो गया। मरीज के परिजन और अस्पताल कर्मियों के बीच बहस इतनी बढ़ी कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।घटना दोपहर करीब 11:45 से 12:35 बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर कोर्ट के एक अधिवक्ता अपने रिश्तेदार अनीता गोस्वामी को डिस्चार्ज कराने अस्पताल पहुंचे थे। मरीज का इलाज डॉ. पीयूष जैन की देखरेख में चल रहा था।
अधिवक्ता का कहना है कि परिजनों ने पहले ही 50 से 60 हजार रुपये एडवांस जमा किए थे। डिस्चार्ज के समय अस्पताल की ओर से करीब 12,800 रुपये का बिल बताया गया, लेकिन साथ ही 37 से 40 हजार रुपये और जमा करने को कहा गया। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ।
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने टीएमएच जैसे बड़े अस्पतालों की तरह कंसोलिडेटेड बिल की मांग की, जिसमें एडवांस की कटौती के बाद अंतिम राशि स्पष्ट हो। उनका कहना है कि पक्का बिल देने के बजाय पेन से लिखकर हिसाब दिया गया, जिससे बहस बढ़ गई।
पीड़ित अधिवक्ता का आरोप है कि बिलिंग विभाग के कर्मचारी चतुरानंद झा ने उनके साथ बदतमीजी की और तंज कसा। विरोध करने पर कर्मचारी और अन्य स्टाफ ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। उनका दावा है कि दो नर्सों और एक सिक्योरिटी गार्ड ने भी हाथापाई की। किसी तरह वे वहां से निकलकर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी।
वहीं, कर्मचारी चतुरानंद झा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवाद की शुरुआत अधिवक्ता की ओर से की गई। उनका कहना है कि उन्होंने डॉक्टर से बात कर 7 हजार रुपये की छूट भी दिलवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ता ने उनकी मां के नाम पर अपशब्द कहे, जिससे माहौल बिगड़ा और धक्का-मुक्की हुई।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।




