पी. चिदंबरम के ख़िलाफ़ ED का बड़ा फैसला: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब PMLA कोर्ट में सुनवाई शुरू


नई दिल्ली : मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ अब दिल्ली की PMLA (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट में सुनवाई शुरू होने जा रही है। इस संबंध में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। ED ने आवश्यक सरकारी अनुमति (प्रॉसीक्यूशन संसन) हासिल कर ली है और उसे विशेष PMLA कोर्ट में डाकयुमेंट के रूप में पेश कर दिया है। यह मंजूरी 10 फरवरी 2026 को मिली थी।

यह कार्रवाई एयरसेल-मैक्सिस डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। आरोप है कि 2006 में लगभग 800 मिलियन डॉलर (लगभग 3566 करोड़ रुपये) के विदेशी निवेश को मंज़ूरी देने में नियमों का पालन नहीं किया गया था। मामला उस समय का है जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे।
ED का कहना है कि चिदंबरम ने बिना अधिकृत सत्ता के खुद ही निवेश प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इस मंज़ूरी के बदले फायदा-फायदा (quid pro quo) का लेन-देन भी हुआ। जांच में यह दावा किया गया है कि करीब ₹1.16 करोड़ की रकम चिदंबरम के बेटे और उनकी कंपनियों को मिली।
ED ने पहले इस मामले में ₹1.16 करोड़ की कथित अवैध कमाई को अटैच किया था और 2018 में PMLA के तहत चार्जशीट भी दाखिल की थी। उस समय अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का संज्ञान लिया था।
अब सरकार की अनुमति मिलने के बाद कोर्ट में यह मुकदमा आगे बढ़ेगा। ED का मानना है कि मंज़ूरी मिलने से कानूनी अड़चनें हट जाएंगी और सुनवाई तेज़ी से आगे बढ़ सकेगी।
चिदंबरम और उनके वकीलों ने मामले में अब तक सफ़ाई दी है और आरोपों को निराधार बताया है। इस सुनवाई के दौरान अदालत में सबूतों और दलीलों पर बहस होगी।



