ईरान युद्ध के बीच बड़ा अलर्ट, 90 दिन का पेट्रोल-डीजल-LPG स्टॉक रखने की सलाह


नई दिल्ली : ईरान से जुड़े जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। इसी बीच संसद की पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का भंडार बढ़ाकर कम से कम 90 दिनों का किया जाए, जो अंतरराष्ट्रीय मानक भी माना जाता है।समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जहां भी संभव हो, वहां भूमिगत गुफाओं और अन्य स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जाए। साथ ही देश में ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए दीर्घकालिक तैयारी जरूरी बताई गई है, क्योंकि भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में शामिल है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सरकार का लक्ष्य 2034 तक 12 करोड़ पीएनजी कनेक्शन देने का है, लेकिन वर्तमान संख्या इससे काफी कम है। वहीं, उज्ज्वला योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी रिफिल कम होने पर ज्यादा सब्सिडी देने जैसे विकल्पों पर विचार करने की सिफारिश की गई है।



