अर्जुन मुंडा ने जनजातीय परिवारों से किया संवाद, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील

जमशेदपुर : पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरुवार को तमिलनाडु की ऐतिहासिक नीलगिरि पहाड़ियों, जिन्हें ‘ब्लू माउंटेन्स’ कहा जाता है, में जनजातीय समुदायों के परिवारों से मुलाकात कर संवाद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जनजातीय परिवारों के बीच पहुंचने को उन्होंने विशेष अनुभव बताया। मुंडा ने कहा कि तमिलनाडु जनजातीय विविधता और समृद्ध परंपराओं की धरती है, जहां छह समुदायों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

मुंडा ने नरिकोरवन और कुरिविक्करन समुदायों की वर्षों पुरानी मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन समुदायों को तमिलनाडु की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
उन्होंने जनजातीय समुदायों की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। साथ ही 17 सितंबर की शाम 6 से 7 बजे तक घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की, ताकि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को मजबूत किया जा सके।


