मोकामा हिंसा के बाद EC की बड़ी कार्रवाई, पटना ग्रामीण SP का तबादला — बिहार चुनाव में सियासी हलचल तेज


बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मोकामा हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पटना (ग्रामीण) एसपी विक्रम सिहाग का तत्काल तबादला कर दिया है और तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यह कदम मोकामा में हुई दुलारचंद यादव की हत्या और उसके बाद बढ़ी राजनीतिक हिंसा की घटनाओं के मद्देनज़र उठाया गया है।

इसी बीच चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने पटना में अपना घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ जारी किया। इस मौके पर जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा मौजूद रहे। एनडीए गठबंधन अब महागठबंधन के मुकाबले में है, जिसका नेतृत्व तेजस्वी यादव कर रहे हैं।
बिहार की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान — 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
इसी दौरान कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि “देश बिहार की तरफ देख रहा है, जनता महागठबंधन की सरकार चाहती है।” वहीं, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लालू-राबड़ी शासन को “काला युग” बताते हुए कहा कि “बिहार ने विकास की पटरी पर वापसी की है, और इसे आगे बढ़ाने के लिए जनता फिर से नीतीश कुमार पर भरोसा जताएगी।”
मोकामा हिंसा और आयोग की सख्ती के बाद अब यह चुनाव न केवल विकास बनाम विरासत की लड़ाई बन गया है, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।



