आदित्यपुर में रुपए 21,000 हड़पने के बाद अब गुंडों से घर खाली करवा रहे हैं वकील विभाष चौधरी …’भौकाल’ पर टिकी है पूरी वकालत!, महिला ने थाने से लेकर डीआईजी तक लगाई गुहार

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आदित्यपुर :- एक तरफ सरकार “नारी सशक्तिकरण” की बात करती है, दूसरी तरफ आदित्यपुर की एक महिला को एक तथाकथित वकील ने ₹21,000 ठग लिए और अब उसके गुर्गे रोज़ दरवाजे पर खड़े होकर गालियाँ बकते हैं, जान से मारने की धमकी देते हैं। आदित्यपुर के आर आई टी थाना क्षेत्र में सफेदपोश बने फिरते हुए नॉन प्रैक्टिशनर वकील विभाष चौधरी वकालत के अलावे सभी काम में रुचि रखने लगे है। जैसे कि जमीन बिकवाने से लेकर जमीन पर घर बनवाने तक घर बनवाने के लिए थाना के नाम पर पैसा वसूली से लेकर इलाके में गौ तस्करी जैसी घिनौने धंधे के पैरवी समेत कई अन्य अनैतिक कामों से लेकर नशेड़ियों को संरक्षण देने तक। इस सब की जिम्मेदारी वकील विभाष चौधरी ने ले रखा है। ताजा मामला झा बगान आदित्यपुर का है। जहां अपने वर्चस्व के बल पर विभाष चौधरी ने सरकारी जमीन का विवादित हिस्से को सुलझाने के नाम पर अपने नाम करा लिया है। और अब वहां रहने वाले लोगों को चौधरी जी के इशारे पर इनके संरक्षण में चल रहे नशेड़ियों द्वारा धमकी दी जाती है। हालांकि ये मामला नया नहीं है। विभाष चौधरी इससे पहले भी कई मामलों में विवादित रह चुके हैं। ताजा मामला झा बगान के एक महिला और उसके पति को मारपीट करने के प्रकाश में आया है। बीती रात झा बगान में प्रियंका नाम की महिला के घर आते ही विभाष चौधरी के संरक्षण में पल रहे गुर्गे गाली गलौज करने लगे। पीड़िता के अनुसार वे सभी शराब के नशे में थे और विभाष चौधरी का नाम लेकर धमकी दे रहे थे कि ये घर छोड़ कर चली जाओ। जबकि घर बनाने से पहले विभाष चौधरी ने थाना मैनेज करने के नाम पर पीड़िता से 21 हजार रुपए लेकर गटक गए है। इस मामले में लोक आलोक न्यूज ने पड़ताल करने की कोशिश की तो चैनल से भी उलझ गए वकील साहब। लेकिन अंत में उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि पैसा लिए है।

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कौन है विभाष चौधरी ?

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बता दे कि वकील साहब विभाष चौधरी मूल रूप से नॉन प्रैक्टिशनर वकील हैं यानी कि कोर्ट में प्रैक्टिस नहीं करते है। इसके बावजूद इनके बताए अनुसार इनके पास 250 से ज्यादा डीएसपी का फाइल है। और जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड के सभी शीर्ष व्यक्तियों से इनका रिश्तेदारी है। इसके साथ ही जितने भी अपराधी किस्म के लोग है उनके साथ इनका उठना बैठना भी चलता है। इस बात की जानकारी विभाष चौधरी गर्व के साथ पब्लिकली बताते है। हालांकि कुछ लोगों से जब इस बात की जानकारी लेने की कोशिश की गई तो पता चला कि वकील साहब रिश्ते जोड़ने में माहिर व्यक्ति है। जैसे रीजनिंग में रिश्ते पर आधारित कई प्रश्न देखने को मिलते है। ठीक उसी प्रकार वकील साहब वैसे रिश्तेदारों को अपना बनाते है जिनका नाम लेने से भौकाल बना रहे। विभाष चौधरी दावा करते हैं कि उनके पास 250 DSP की फाइलें हैं, राज्य के सारे VIP उनके रिश्तेदार हैं — लेकिन एक भी मुकदमा इनकी जेब से बाहर नहीं जाता। और इसी भौकाल पर इनका काम चल रहा है।

फिलहाल वकील साहब की कहानी बहुत लंबी है। विस्तार में बात भी करेंगे लेकिन अगले एपिसोड में। फिलहाल देखना यह है कि जिस महिला से थाने के नाम पर 21 हजार रुपए वकील साहब ने लिया है। उस पीड़िता को वकील साहब पैसे लौटाते है और उनके गुर्गे रहने देते है या घर छोड़ने को मजबूर करते है।

महिला ने थाने से लेकर डीआईजी तक लगाई गुहार

महिला विन्ध्याचली देवी उर्फ प्रियंका ने इस पूरे मामले को लेकर आरआईटी थाना में लिखित शिकायत दी है और इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक (एसपी), क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और झारखंड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तक अपनी गुहार पहुंचाई है। शिकायत में उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि वकील के नाम पर पहचान बना चुका विभाष चौधरी न सिर्फ उनसे ₹21,000 की वसूली कर चुका है, बल्कि अब उन्हीं के घर को गुंडों से खाली करवाने की धमकी भी दिलवा रहा है। पीड़िता ने कहा कि अगर समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, ठगी गई राशि की वापसी और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।

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