कैसे 5 मिनट में आसमान छूने लगी सामान्य सी आग, अब भी एक परिवार के 5 लोग लापता…

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क :- गुजरात के राजकोट स्थित गेमिंग जोन में लगी आग में जान गंवाने वालों की संख्या 28 हो चुकी है. शनिवार को छुट्टी वाले दिन यहां भारी संख्या में भीड़ जुटी थी. इसी दौरान हादसा हो गया. इस घटना पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है. वहीं गेमिंग जोन से बाहर उस आसपास जो लोग थे, उन्होंने बताया कि शुरुआत में सामान्य सी देखने वाली आग इतनी तेजी से भड़की कि लोगों को बचने का मौक तक नहीं मिला.

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

राजकोट अग्निकांड में अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है. इसमें कई बच्चे भी शामिल हैं. शनिवार को इस खौफनाक मंजर से रूबरू होने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी ने पूरे हादसे की आंखोदेखी कहानी बताई, कि कैसे 5 मिनट के अंदर सामान्य सी आग आसमान छूने लगी. वहां पास में मौजूद चाय बेचने वाले महेश भरवाड़ ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों में अफरा तफरी मच गई.

महेश भरवाड़ ने बताया कि जब आग लगी तब मैं गेमिंग जोन के पास ही मौजूद था. मैं बगल में चाय देने आया था. उस वक्त अचानक कुछ ब्लास्ट होने की आवाज आयी थी. शुरुआत में शाम के वक्त 5.35 बजे आग लगी. तब सामान्य सी दिखायी देने वाली आग पांच मिनट में विकराल हो गई. आग लगने की वजह से कुछ लोग एल्युमीनियम शेड के ऊपर से बाहर की तरफ उतरने की कोशिश कर रहे थे.

आग लगने के 15 मिनट बात पहुंची थी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां

महेश ने बताया कि उस वक्त कुछ लोगों को हमनें बाहर उतारने की कोशिश की. लेकिन ऊंचाई ज्यादा होने से तीन लोग घायल हो गए. इनमें से एक के सिर पर ज्यादा चोट लगी थी. आग लगने के बाद तुरंत हम सबने इलेक्ट्रिक डीपी बंद किया था. चाय के व्यापारी महेश भरवाड़ ने कहा कि इस गेमिंग जॉन में जितने लोग काम करते थे, उनमें से लगभग सब सुरक्षित हैं. आग लगने के बाद करीब 15 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की तीन से चार गाड़िया पहुंची थी.

एक ही परिवार के पांच लोग लापता

इधर, गेमिंग जोन में आग लगने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों में से पांच लोग मिसिंग हैं. परिवार के मुखिया चंद्रसिंह जडेजा ने कहा कि मेरे परिवार के सात लोग गेमिंग जोन में मौजूद थे. इनमें से दो सुरक्षित हैं. एक का गिरिराज हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है और एक पूरी तरह सुरक्षित हैं. इस घटना के बाद परिवार के पांच लोग मिसिंग हैं. हमारे परिवार के लोगो के DNA सैंपल कलेक्ट किए गए हैं.

गेमिंग जोन में फायर सेफ्टी के नहीं थे कोई उपाय

चंद्रसिंह जडेजा ने कहा कि गेमिंग जोन में फायर सेफ़्टी को लेकर कोई सुविधा नहीं थी. वहां पेट्रोल डीजल पड़ा था. सीएम यहां आए थे, लेकिन वो निकल गये. गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी से बात हुई. सरकार से क्या उम्मीद करें, अभी तो हमारा जो था वो जा चुका है. चंद्रसिंह जडेजा ने कहा कि मेरे चाचा का लड़का, उनका लड़का, एक उनके बड़े भाई की बेटी, भावनगर और राजकोट के उनके दो महेमान गेमिंग जोन में गए थे.

Thanks for your Feedback!

You may have missed