स्वास्थ्य मंत्री व सिविल सर्जन को कूटने की बात करने वाले डाक्टर के खिलाफ़ एफ़आइआर दर्ज , डॉ ओ पी आनंद का राजनीति से भी रहा है नाता,

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सरायकेला / आदित्यपुर :- सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर स्थित 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम के डा. ओपी आनंद के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, कोरोना महामारी में गैर जिम्मेदारी वाला रवैया और सिविल सर्जन व स्वास्थ्य मंत्री के लिये असंसदीय भाषा के प्रयोग करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. मालूम हो कि शनिवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के मौखिक आदेश पर जांच करने प्रभारी सिविल सर्जन डॉ वारियल मुर्मू के साथ 3 सदस्यीय टीम अस्पताल पहुंची थी. जहां टीम ने कई खामियां पायीं. अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के परिजनों को जांच टीम से दूर रखते हुए सहयोग करने के बजाए अभद्रता की गई थी. इतना ही नहीं अस्पताल के प्रबंधक डॉ ओपी आनंद ने जांच पदाधिकारियों एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करते हुए कहा था,कि अगर अस्पताल में मरीज ना होते तो ऐसे अधिकारियों और मंत्री को कूट देता. उन्होंने कहा था, कि मैं ऐसे जांच अधिकारियों को दौड़ाकर पीटने की क्षमता रखता हूं. इतना ही नहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर जांच टीम भेजे जाने पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था, कि मंत्री जी आपने यह सही नहीं किया है. विदित रहे कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अस्पताल में इलाजरत मरीजों के परिजनों से सरकार द्वारा राशि से अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने प्रभारी सिविल सर्जन को मौखिक आदेश देते हुए पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब किया था.

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इधर, रविवार को प्रभारी सिविल सर्जन के शिकायत पर जिले के एसपी ने आरआईटी थाना पुलिस को अस्पताल के प्रबंधक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करते हुए जांच का जिम्मा सौंपा है. दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी के पर रविवार को कांग्रेस सहित लगभग सभी राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉक्टर ओपी आनंद से स्वास्थ्य मंत्री से माफी मांगने की मांग की है. इतना ही नहीं, कांग्रेस ने डॉक्टर ओपी आनंद के डिग्री की भी जांच किए जाने की मांग कर डाली है. इसके अलावा अस्पताल के जमीन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. आपको बता दें डॉक्टर ओपी आनंद शहर के प्रतिष्ठित व्यक्ति वाईपी  यादव के पुत्र हैं. वाईपी यादव द्वारा गायत्री शिक्षा निकेतन स्कूल की स्थापना की गई थी, जो आज भी संचालित हो रहा है.  गायत्री स्कूल आदित्यपुर के साथ सहरसा में भी संचालित हो रहा है . बता दें कि गायत्री स्कूल का भी अपना अलग ही कहानी है जो समय समय पर उजागर होते रहता है . वर्तमान में सहरसा में चल रहे स्कूल की देख रेख वाई पी यादव स्वयं करते है जबकि आदित्यपुर स्थित स्कूल का देख रेख डॉ ओ पी आनंद के भाई करते है.

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बन्ना गुप्ता बोले, अपशब्द कहने वाले बड़े भाई के समान हैं

स्वास्थ्यमंत्री बन्ना गुप्ता  ने कहा कि अपशब्द कहने वाले बड़े भाई के समान हैं. मुझे गाली दें पर मरीजों से वाजिब पैसे ही लें. मंत्री ने कहा कि वे आंदोलन से उपजे हुए नेता हैं. उन्हें गाली देने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. राज्य की जनता के लिए वर्तमान त्रासदी के दौर में डॉक्टर ही भगवान के रूप में हैं. उन्होंने डॉक्टर ओपी आनंद को डॉक्टर धर्म का निर्वहन करने की नसीहत दी.

डॉ ओ पी आनंद का राजनीति से भी रहा है नाता,

बता दें कि अस्पताल 111 के संचालक डॉ ओ पी आनंद  लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी भी रह चुके है। वर्ष 2014 में सपा से चुनाव लड़ने की बात चल रही थी लेकिन सीट नही मिलने पर डॉ आनंद ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना किस्मत आजमाने की कोशिश की थी हालांकि उस चुनाव में इन्हें हार मिली थी।

 

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