JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में दो और गिरफ्तार, करीब 100 अभ्यर्थियों से सेटिंग की जांच



रांची : जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता से जुड़े मामले में सीआईडी ने ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून को गिरफ्तार किया है। सीआईडी जांच के अनुसार, दोनों ने शिवांगन की पाठशाला कोचिंग सेंटर के संचालक संजीत कुमार के जरिए परीक्षाओं में अनुचित लाभ लिया था और उसके एजेंट के रूप में काम करते थे। ऋतिक और पंकज प्रसून ने फॉरेस्ट रेंज अफसर (एफआरओ) की परीक्षा पास की थी। आरोप है कि दोनों ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क कर संजीत के जरिए उन्हें लाभ पहुंचाया। ऋतिक जमशेदपुर के उलीडीह और पंकज रांची में शिवभवन कमलाकांत रोड सुखदेवनगर का रहने वाला है। पंकज और संजीत पड़ोसी भी हैं।

सीआईडी ने बुधवार को शिवांगन की पाठशाला से जुड़े शिक्षक रवि कुमार से पूछताछ की। उसने कई ऐसे अभ्यर्थियों के नाम बताए, जिनकी कथित तौर पर 11-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा, सीडीपीओ परीक्षा, फूड सेफ्टी ऑफिसर और एफआरओ परीक्षा में सेटिंग की गई थी। सीआईडी जांच में सामने आया कि करीब 100 अभ्यर्थियों से पैसे लेकर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में पास कराने की सेटिंग हुई थी। परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मास्टरमाइंड अभय तिवारी और टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह के बयानों के अनुसार, पीटी में प्रति छात्र पांच लाख की दर से लगभग 100 अभ्यर्थियों से करीब पांच करोड़ की वसूली हुई थी। मुख्य परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाने के लिए जांचकर्ताओं से संपर्क करने और हजारीबाग व रांची में अलग-अलग स्थानों पर सॉल्वर गैंग के सदस्यों से उत्तर पुस्तिकाएं लिखवाने की बात भी जांच में सामने आई है।
जांच के मुताबिक, जिन अभ्यर्थियों को उत्तर नहीं पता होते थे, उनकी उत्तरपुस्तिकाएं स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकालकर मॉडल उत्तर उपलब्ध कराते हुए लिखवाई जाती थीं। खाली ओएमआर शीट भरने के लिए विशेष रूप से लखनऊ और दिल्ली से टीम बुलाए जाने की बात भी सामने आई है। आरोपी प्रदीप कुमार सिंह ने कबूला कि उसने जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से 30 अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं निकालकर सौंपी थीं, जिन्हें बाहर लिखवाने के बाद जमा कराया गया। आरोपी संजय के अनुसार, एफआरओ मेन्स के 25 और एसीएफ मेंस के 15 अभ्यर्थियों को पास कराया गया था।


