फर्जी हस्ताक्षर केस में गिरफ्तारी के बाद थाने में बवाल, जयराम महतो और मुखिया समर्थक आमने-सामने

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धनबाद : बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बड़ापिछरी पंचायत में कथित फर्जी हस्ताक्षर के जरिए जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने के मामले में आरोपी गणेश दास की गिरफ्तारी के बाद थाना परिसर में जमकर हंगामा हो गया। मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे, वहीं दूसरी ओर मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि थाना परिसर में मारपीट तक की नौबत आ गई। घटना में मुखिया के बेटे के घायल होने की सूचना है।

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बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने गांव के ही गणेश दास पर उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रमाण पत्र और वंशावली बनवाने का आरोप लगाया था। इस संबंध में बरवाअड्डा थाना में कांड संख्या 129/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार गणेश दास को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन थाना नहीं पहुंचने पर एसआई मीनू कुमारी नोटिस देने उनके घर गईं। आरोप है कि इस दौरान गणेश दास और उनके परिजनों की पुलिस के साथ बहस, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाना ले आई।

गणेश दास की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ थाना पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तारी की प्रक्रिया और कथित पुलिस मारपीट को लेकर थाना प्रभारी रवि कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों से सवाल किए। बताया गया कि इस दौरान विधायक और पुलिस अधिकारियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक तीखी बहस हुई। विधायक समर्थकों की ओर से आरोप लगाया गया कि गणेश दास के साथ थाना में मारपीट की गई है।

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दूसरी ओर विधायक के थाना पहुंचने की खबर मिलने पर मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी बड़ापिछरी, कोरियाटांड़, कसियाटांड़ समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में थाना पहुंच गए। बताया जाता है कि कुछ समर्थक थाना प्रभारी के चेंबर तक पहुंच गए और वहां विधायक जयराम महतो से नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की तथा मारपीट की स्थिति बन गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया।

मामले में पुलिस ने गणेश दास के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का भी केस दर्ज किया है। वहीं यह आरोप भी सामने आया है कि विधायक जयराम महतो ने थाना प्रभारी को फोन कर गणेश दास को छोड़ने की बात कही थी। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले में पुलिस, विधायक पक्ष और मुखिया पक्ष के आधिकारिक विस्तृत बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

 

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