पीडीएस में हजारों किलो अनाज गायब, दो निलंबित डीलरों पर प्राथमिकी; प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी खाद्यान्न के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। खरसावां प्रखंड के दो निलंबित पीडीएस डीलरों के खिलाफ सरकारी राशन में गड़बड़ी को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

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जिला आपूर्ति विभाग के निर्देश पर अंचल अधिकारी-सह-प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने संबंधित पीडीएस दुकानों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में ग्राम सरजाडीह के निलंबित डीलर अशोक कुमार प्रधान की दुकान पर रिकॉर्ड के अनुसार हजारों किलो चावल और गेहूं उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर कोई स्टॉक नहीं मिला। वहीं ग्राम तेलाईडीह के निलंबित डीलर विनोद नायक की दुकान में भी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच भारी विसंगति पाई गई। जांच के दौरान चावल का पूरा स्टॉक गायब मिला, जबकि गेहूं के मामले में भी गंभीर अनियमितता सामने आई।

प्रारंभिक जांच में करीब 29 हजार किलो चावल और 7 हजार किलो से अधिक गेहूं के स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकारी खाद्यान्न के कथित गबन को गंभीर मामला मानते हुए दोनों डीलरों के खिलाफ खरसावां थाना में मामला दर्ज कराया गया है। उपायुक्त नितिर कुमार सिंह के निर्देश पर जिले की अन्य निलंबित और संदिग्ध पीडीएस दुकानों की भी जांच तेज कर दी गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के हक के राशन के साथ किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को पीडीएस व्यवस्था की नियमित निगरानी और सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जहां भी अनियमितता या सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी पाई जाएगी, वहां दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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