महुआडांड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर जनता का फूटा आक्रोश, मुख्यमंत्री समेत स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त को भेजा गया ईमेल

0
Advertisements
Advertisements

महुआडांड़ : महुआडांड़ अनुमंडल अस्पताल की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अब क्षेत्र की जनता खुलकर आवाज उठाने लगी है। वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की मांग कर रहे ग्रामीणों ने आखिरकार झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री, माननीय स्वास्थ्य मंत्री एवं लातेहार उपायुक्त को ईमेल के माध्यम से गंभीर शिकायत भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ग्रामीणों के द्वारा भेजे गए आवेदन में महुआडांड़ अनुमंडल अस्पताल की बदहाली का दर्द बयां किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि अनुमंडल बनने के वर्षों बाद भी यहां की लगभग 1.05 लाख से अधिक आबादी आज बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। सबसे अधिक परेशानी गरीब, आदिवासी, गर्भवती महिलाओं एवं मासूम बच्चों को उठानी पड़ रही है।आवेदन के अनुसार अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं एनेस्थीसिया चिकित्सक तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी जांच जैसी जरूरी सेवाएं लंबे समय से बंद पड़ी हुई हैं। हालत यह है कि मामूली जांच और इलाज के लिए भी मरीजों को 120 किलोमीटर दूर पलामू तथा 180 किलोमीटर दूर रांची जाना पड़ रहा है।महिला डॉक्टर नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार देर रात मरीजों को रेफर किया जाता है, जिससे रास्ते में ही हालत गंभीर हो जाती है। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा एवं पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा नहीं होने के कारण लोगों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण गरीब परिवार इलाज कराने के लिए कर्ज लेने और जमीन बेचने को मजबूर हो रहे हैं। महुआडांड़ अनुमंडल अस्पताल अब इलाज का केंद्र कम और “रेफर सेंटर” अधिक बनकर रह गया है।ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त से मांग की गई है कि अस्पताल में तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी जांच सेवा बहाल की जाए, 24×7 इमरजेंसी एवं लेबर रूम को सुचारु किया जाए तथा अतिरिक्त 108 एंबुलेंस उपलब्ध कराया जाए। साथ ही DMFT एवं अन्य सरकारी फंड से संविदा पर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की बहाली की भी मांग उठाई गई है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed