महुआडांड़ में गरीबों की जिंदगी भगवान भरोसे, अस्पताल नहीं बना दर्द का प्रतीक……इलाज के अभाव में तड़प रही डेढ़ लाख आबादी, आखिर कब टूटेगी सरकार की नींद……


महुआडांड़: महुआडांड़ पहाड़ों और जंगलों से घिरे महुआडांड़ अनुमंडल की तस्वीर आज बेहद दर्दनाक हो चुकी है। वर्षों पहले अनुमंडल का दर्जा मिलने के बाद लोगों ने सोचा था कि अब क्षेत्र में बेहतर अस्पताल, डॉक्टर और इलाज की सुविधा मिलेगी, लेकिन आज भी यहां की गरीब जनता बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा के लिए तरस रही है। डेढ़ लाख से अधिक आबादी वाले इस बड़े इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही हैमहुआडांड़ अनुमंडल अस्पताल में न पर्याप्त डॉक्टर हैं, न महिला चिकित्सक और न ही गंभीर बीमारियों के इलाज की समुचित व्यवस्था।
*हर दिन दर्जनों परिवार बाहर जाने को मजबूर*
हालत यह है कि हर दिन बीमार बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और गंभीर मरीज इलाज के लिए पलामू, रांची और अंबिकापुर जाने को मजबूर है
*इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर गरीब परिवार*
गरीब परिवार अपने बीमार परिजनों को बचाने के लिए कर्ज लेने और जमीन बेचने तक को मजबूर हो रहे हैं।सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। प्रसव पीड़ा में तड़पती महिलाओं को सैकड़ों किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। कई बार रास्ते में ही मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है। अस्पताल में जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से लोगों को निजी क्लीनिकों और बड़े शहरों का सहारा लेना पड़ता है।
*आखिर गरीबों की आवाज कब सुनेगी सरकार*
ग्रामीणों का कहना है कि जब मामूली बीमारी का इलाज भी महुआडांड़ में संभव नहीं है, तो आखिर अनुमंडल बनाने का लाभ क्या मिला? लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
*स्थानीय सांसद और विधायक,जिला प्रशासन से तत्काल सुविधा बहाल की मांग*
क्षेत्र की जनता ने सांसद काली चरण सिंह, विधायक रामचंद्र सिंह और जिला प्रशासन से मांग की है कि महुआडांड़ अनुमंडल अस्पताल में तत्काल महिला डॉक्टर सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। साथ ही अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, ब्लड जांच, प्रसूति सेवा, बच्चों के इलाज और 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा को मजबूत किया जाए।
*अनुमंडल के गरीब परिवार जाग चुके सरकार से आश्वाशन नही बल्कि जमीनी स्तर में सुविधा की मांग*
ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल में डॉक्टर और बेहतर इलाज चाहिए। क्योंकि स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, और महुआडांड़ की गरीब जनता अब अपने अधिकार की मांग कर रही है।



