शिक्षा के आकाश में चमकी रिया भारती की सफलता, कक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त कर बढ़ाया क्षेत्र का सम्मान


महुआडांड़ : महुआडांड़ सपनों को सच करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। इसी सोच को साकार कर दिखाया है संत जेवियर एकेडमी की कक्षा पांचवीं की मेधावी छात्रा रिया भारती ने। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर रिया ने विद्यालय में द्वितीय स्थान प्राप्त कर परिवार, विद्यालय और पूरे महुआडांड़ क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।रिया की इस शानदार उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों और अभिभावकों ने उनकी सफलता को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच का परिणाम बताया। छोटी उम्र में मिली यह बड़ी सफलता अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।

डॉक्टर बन मानव सेवा करने का है सपना
रिया भारती का सपना केवल पढ़ाई में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि आगे चलकर मेडिकल क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना है। वह एक सफल डॉक्टर बनकर गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों की सेवा करना चाहती हैं। रिया का मानना है कि इंसान की सबसे बड़ी पहचान दूसरों के काम आने में है।उनकी यह सोच बताती है कि नई पीढ़ी केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि समाज और मानवता के लिए भी सोच रही है। इतनी कम उम्र में सेवा और समर्पण की भावना लोगों को बेहद प्रभावित कर रही है।
परिवार से मिला सेवा और संस्कार का आशीर्वाद
रिया भारती के पिता डॉक्टर एस.के. सिंह महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत हैं वहीं उनकी माता गृहणी हैं, जिन्होंने रिया को मेहनत, अनुशासन और संस्कारों की सीख दी है। परिवार के इसी सकारात्मक माहौल ने रिया को शिक्षा के साथ सामाजिक सोच भी दी है।
शिक्षकों ने बताया विद्यालय की गौरवशाली छात्रा
विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि रिया हमेशा पढ़ाई के प्रति गंभीर रहती हैं और हर कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ करती हैं। वह विद्यालय की अनुशासित और प्रतिभाशाली छात्राओं में गिनी जाती हैं।


