उत्क्रमित मध्य विद्यालय शहरबेड़ा में बच्चों ने जाना ‘चमत्कारों’ के पीछे का विज्ञान


सरायकेला-खरसावां: सरायकेला-खरसावां ज़िला के चांडिल प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, शहरबेड़ा में बच्चों के बीच “अंधविश्वास का पर्दाफाश” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन हरियाणा विज्ञान मंच के वरिष्ठ विज्ञान संचारक सुभाष अनुराग और ईश्वर नास्तिक ने किया। उन्होंने विभिन्न रोचक वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से उन तथाकथित “चमत्कारों” का वैज्ञानिक सच बच्चों के सामने रखा, जिन्हें अक्सर ढोंगी बाबा और अंधविश्वास फैलाने वाले लोग चमत्कार के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
“कार्यक्रम के दौरान आग को ‘खा जाना’, जीभ के आर-पार त्रिशूल निकालना, मंत्रों के द्वारा आग लगाना, उंगली के सहारे भारी वस्तु को संतुलित करना, अग्नि स्नान, छलनी में पानी रोककर दिखाने जैसे रोचक प्रयोग प्रस्तुत किए गए। हर प्रयोग के पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे बच्चों ने जाना कि इन तथाकथित चमत्कारों के पीछे कोई अलौकिक शक्ति नहीं, बल्कि विज्ञान कार्य करता है।
इस अवसर पर बच्चों के बीच कुछ मनोवैज्ञानिक प्रयोग भी किए गए, जिनके माध्यम से उन्होंने समझा कि किस प्रकार भ्रम और मनोवैज्ञानिक प्रभावों का उपयोग कर लोगों को प्रभावित किया जाता है। बच्चों ने स्वयं भी कई प्रयोग करके उनकी सत्यता को परखा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को surface tension (पृष्ठ तनाव), centre of gravity (गुरुत्व केंद्र) जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से समझाया गया।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा विज्ञान मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता ईश्वर नास्तिक और सुभाष अनुराग पिछले कई दशकों से विज्ञान संचारक के रूप में देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों पर वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक चेतना और तार्किक सोच को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। वे इन दिनों झारखंड के चिल्गु चाकुलिया गांव स्थित सोबरन स्मृति शिक्षापीठ में आयोजित विज्ञान समर कैंप में सहयोगी के रूप में जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण के साथ विज्ञान संचारक विकास कुमार भी उपस्थित रहे।



