विधायक सरयू राय की सादगी बनी मिसाल


जमशेदपुर: पीएम नरेन्द्र मोदी के आह्वान के बाद देश के कई नेताओं ने अपने साथ चलने वाले काफिले को छोटा करने का फैसला लिया है और वे इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन, जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय पहले से ही बिना किसी बड़े काफिले के सफर करते हैं और वर्षों से इलेक्ट्रिक गाड़ी का उपयोग कर रहे हैं।
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने राजनीति में एक नई और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। अक्सर देखा जाता है कि जनप्रतिनिधि भारी सुरक्षा व्यवस्था और लग्जरी गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ चलते हैं। लेकिन, इन सबसे अलग सरयू राय अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने राजनीति में दिखावे को दरकिनार करते हुए एक ऐसा मार्ग चुना है, जो आज पूरे झारखंड में चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है।
दिखावे से दूर, ई-वाहन (EV) का करते हैं उपयोग
सरयू राय लंबे समय से अपने दैनिक सफर के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाहन (ई-वाहन या EV) का उपयोग करते आ रहे हैं। उन्हें कई मौकों पर शहर की सड़कों पर अकेले या बेहद सीमित सहयोगियों के साथ अपनी ई-कार में सफर करते देखा जा सकता है। उनके साथ कभी भी हूटर बजाती या लंबी गाड़ियों का कोई भारी काफिला देखने को नहीं मिलता है। विधायक का यह कदम केवल एक व्यक्तिगत चुनाव नहीं है, बल्कि यह वीआईपी कल्चर पर एक सीधा प्रहार भी है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक संदेश
बढ़ते प्रदूषण और वैश्विक ईंधन संकट के इस दौर में, इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। सरयू राय का मानना है कि केवल मंचों से भाषण देकर पर्यावरण नहीं बचाया जा सकता, बल्कि इसके लिए स्वयं धरातल पर काम करना पड़ता है। उनका ई-वाहन का उपयोग करना कोई राजनीतिक दिखावा नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक सीधा और व्यावहारिक संदेश है। वे लगातार जमशेदपुर की आम जनता और युवाओं से भी पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा (Green Energy) अपनाने की अपील करते रहे हैं। उनका यह कदम पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक अहम पहल है।
आम जनता से सीधा जुड़ाव और सादगी की मिसाल
राजनीतिक जीवन में फिजूलखर्ची से हमेशा दूरी बनाए रखने वाले सरयू राय की कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से बिल्कुल अलग बनाती है। काफिले और सुरक्षा के तामझाम से दूर रहने के कारण आम जनता के लिए उनसे संपर्क करना और अपनी समस्याएं रखना बेहद आसान होता है। सादगी और सीधे जुड़ाव की उनकी इस शैली ने जमशेदपुर की जनता के दिलों में एक खास जगह बनाई है।
ई-वाहन के उपयोग और सादगीपूर्ण जीवनशैली को लेकर सरयू राय का यह उदाहरण आज जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में एक नया ट्रेंड सेट कर रहा है। राजनीति के इस दौर में जहां दिखावा हावी है, वहां सरयू राय का यह कदम अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ी और प्रेरणादायक पहल मानी जा रही है।



